मनरेगा की जगह नया “वीबी जी राम जी” कानून लाने की तैयारी में मोदी सरकार, सालाना 125 दिन रोजगार की मिलेगी गारंटी
नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना यानी मनरेगा बंद होगी। केंद्र की मोदी सरकार इसकी जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 (VB G RAM G) लाने जा रही है। इस नए बिल को सरकार ने लोकसभा के सदस्यों के बीच बांटा है। केंद्र की ओर से लोकसभा सदस्यों को मनरेगा की जगह नए बिल की कॉपी बांटने के बाद सियासत गर्माती दिख रही है। कांग्रेस की लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने पर सवाल खड़ा किया है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी जी तो इस देश के, दुनिया के और इतिहास के सबसे बड़े नेता रहे हैं। प्रियंका ने कहा कि उनको ये समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों किया जा रहा है। खास बात ये है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मनरेगा पर लोकसभा में सवाल उठाया था। पीएम मोदी ने इसे गड्ढा खोदने की योजना बताया था। उस वक्त विपक्ष के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई थी। मनरेगा कानून को कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने पास कराया था। मनरेगा के तहत गांवों में रहने वालों को स्थानीय तौर पर 100 दिन रोजगार देने की गारंटी गई थी। मोदी सरकार ने मनरेगा के तहत दी जाने वाली राशि बढ़ाई थी। अब नया वीबी जी राम जी कानून इसकी जगह लेगा।
मनरेगा की जगह आने वाले नए कानून के तहत हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के 125 दिन मुहैया कराए जाएंगे। वीबी जी राम जी कानून बनने के बाद इसके तहत काम करने वालों को मिलने वाली रकम भी बढ़ने की संभावना है। नए कानून से ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका हासिल करने में काफी बदलाव मिलेगा। इस बिल के तहत आजीविका के साधन मुहैया कराया जाना भी है। जबकि, मनरेगा में इसकी व्यवस्था नहीं थी। मनरेगा के तहत कोई अगर रजिस्ट्रेशन कराता था, तो उसे 15 दिन में ही काम दिया जाता था। देखने वाली बात है कि नए कानून में मोदी सरकार मनरेगा का कोई प्रावधान रखती है या नहीं। बता दें कि मनरेगा को लागू करने के मामले में मोदी सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार में तलवारें भी खिंचीं।
