नेशनल हेराल्ड मामले में कोर्ट ने सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार
नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में आज कांग्रेस नेता सोनिया और राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने इनकार कर दिया है। हालांकि अदालत ने ईडी से कहा है कि वो अपनी जांच को जारी रख सकती है। इसी के साथ अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपियों को दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी पाने का अधिकार नहीं है।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा ईडी ने अपनी चार्जशीट में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया था। ईडी की ओर से अप्रैल में चार्जशीट दाखिल की गई थी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पहली बार किसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई।
सोनिया और राहुल से ईडी इस मामले में पूछताछ भी कर चुकी है। ईडी के द्वारा अभी तक इस मामले में कार्रवाई करते हुए एजेएल (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) और यंग इंडियन कंपनी की लगभग 751.9 करोड़ रुपये की वैल्यू की प्रॉपर्टी जब्त की जा चुकी है। ईडी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की 2 हजार करोड़ से अधिक की संपत्तियों को गलत तरीके से हड़पने का आरोप लगाया है।
उधर, कांग्रेस के द्वारा कोर्ट के आदेश को गांधी परिवार के लिए राहत के तौर पर देखे जाने पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, आज का आदेश ईडी के लिए कोई झटका नहीं है और न ही गांधी परिवार को राहत। आज के आदेश में मजिस्ट्रेट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें दिल्ली पुलिस को गांधी परिवार और अन्य आरोपियों को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। यह गांधी परिवार के लिए एक बड़ा झटका है।
