जाने-माने मूर्तिकार राम सुतार का निधन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी समेत कई प्रसिद्ध मूर्तियां बनाईं
नई दिल्ली। देश के जाने-माने मूर्तिकार राम सुतार का बुधवार देर रात नोएडा स्थित उनके घर में निधन हो गया। उनकी उम्र 100 वर्ष थी। गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे स्थापित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जो सरदार पटेल को समर्पित है, उसे राम सुतार ने ही डिजाइन किया था। इसके अलावा अभी हाल में प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण पार्तगली जीवोत्थम मठ के 550वें साल पर भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची जिस प्रतिमा का अनावरण किया था उसे भी मूर्तिकार राम सुतार ने ही बनाया था। भगवान श्रीराम की यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जो कांस्य से बनी है।
राम सुतार ने साल 1961 में मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गांधीसागर बांध पर चंबल देवी की 45 फुट ऊंची प्रतिमा बनाई थी जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर उनको पहचान मिली। संसद भवन परिसर में गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा, महात्मा गांधी की ध्यान मुद्रा वाली प्रतिमा राम सुतार के द्वारा बनाई गई सर्वाधित प्रसिद्ध मूर्तियों में से हैं। इसके अलावा राम सुतार की बनाई शिवाजी महाराज, महाराजा रणजीत सिंह, छत्रपति साहू जी महाराज, इंदिरा गांधी, जयप्रकाश नारायण, महात्मा फुले, पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमाएं देश के अलग अलग राज्यों में स्थापित हैं। बेंगलुरु में स्थित विशाल शिव प्रतिमा, पुणे के मोशी में संभाजी महाराज की प्रतिमा और राम नगरी अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर स्थापित विशाल वीणा भी राम सुतार ने द्वारा ही तैयार की गई।
19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडूर गांव में एक साधारण बढ़ई परिवार में जन्मे राम सुतार को बचपन से ही कला से प्यार रहा। मुंबई के प्रतिष्ठित जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स में दाखिला लेकर उन्होंने मूर्तिकला की बारीकियां सीखीं। वैसे तो साल 1959 में राम सुतार को दिल्ली में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में नौकरी मिल गई लेकिन अपने कला प्रेम के चलते उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह मूर्तिकला से जुड़ गए।
