भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर की गई मेहुल चोकसी की याचिका खारिज, बेल्जियम की कोर्ट ऑफ कैसेशन ने जुर्माना भी लगाया
नई दिल्ली। पंजाब नैशनल बैंक से जुड़े 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। मेहुल चोकसी की ओर से प्रत्यर्पण के खिलाफ बेल्जियम की सुप्रीम अदालत ‘कोर्ट ऑफ कैसेशन’ में दायर की गई याचिका खारिज हो गई है। कोर्ट ऑफ कैसेशन ने मेहुल पर 104 यूरो का जुर्माना भी लगाया और इसका तुरंत भुगतान करने का आदेश दिया। मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए पिछले काफी लंबे समय से प्रयासरत भारतीय जांच एजेंसियों के लिए यह एक बहुत बड़ी सफलता है।
कोर्ट ऑफ कैसेशन ने अक्टूबर 2025 के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम अदालत ने कहा कि बेल्जियम के कानून और यूरोपीय मानवाधिकार स्टैंडर्ड के अनुरूप ही प्रत्यर्पण की प्रक्रिया हो रही है। अदालत ने कहा कि चोकसी की अपील में किसी तरह का दम नहीं है। इसी साल अप्रैल में बेल्जियम पुलिस ने मेहुल चोकसी को गिरफ्तार किया था। मेहुल चोकसी ने बेल्जियम की अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि अगर उसका भारत प्रत्यर्पण किया गया तो उसे वहां यातनाएं दी जाएंगी इसलिए उसका प्रत्यर्पण न किया जाए। इसके बाद भारत सरकार की ओर से बेल्जियम कोर्ट में जानकारी दी गई कि मेहुल को मुंबई के आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा। वहां उसे साफ-सुथरी चटाई, तकिया, चादर, कंबल और एक मोटा गद्दा भी दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लकड़ी या धातु का बना हुआ पलंग भी उसे दिया जा सकता है।
कोर्ट को बताया गया था कि मेहुल को जेल की जिस बैरक में रखा जाएगा वहां रोशनी और वेंटिलेशन की पूरी व्यवस्था रहेगी। सेल की रोजाना साफ सफाई होगी। साथ ही मेहुल चोकसी की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टरों की टीम समय समय पर उसका हेल्थ चेकअप करती रहेगी। बेल्जियम कोर्ट भारत सरकार की इस बात पर सहमत हो गई थी और प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी थी।
