दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में 9वीं गिरफ्तारी, NIA ने शोपियां के रहने वाले यासिर अहमद डार को दिल्ली से पकड़ा
नई दिल्ली। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच कर रही एनआईए को एक और सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने इस केस से जुड़े एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। शोपियां का रहने वाला यासिर अहमद डार दिल्ली से पकड़ा गया है। यह इस मामले में 9वीं गिरफ्तारी है। एनआईए ने यासिर अहमद डार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 26 दिसंबर तक एनआईए की रिमांड पर भेज दिया गया है। एनआईए के मुताबिक यासिर ने दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग और इसे अंजाम देने में अन्य आरोपियों का साथ दिया था।
एनआईए को जांच में यह भी पता चला है कि यासिर अहमद डार दिल्ली बम धमाके के सुसाइड बॉम्बर उमर उन नबी और दूसरे आरोपी मुफ्ती इरफान के संपर्क में था। अब उसे रिमांड में लेकर एनआईए पूछताछ करेगी जिसके बाद इस व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आएगी। एनआईए अन्य जांच एजेंसियों और विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है और पूरे टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आपको बता दें कि 10 नवंबर की शाम लाल किले के पास i20 कार में आतंकी डा. उमर नबी ने विस्फोट कर खुद को भी उड़ा लिया था। इस ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
आतंकी उमर उन नबी के अलावा तीन अन्य डॉक्टर डा. परवेज अंसारी, डा. मुजम्मिल, डा. शाहीन भी इस ब्लास्ट में शामिल थे जिनको गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी भी जांच के दायरे में है। डा. मुजम्मिल और डा. शाहीन इसी यूनिवर्सिटी में नौकरी करते थे। एनआईए ने यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अब तक इस केस से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हो चुके हैं।
