शशि थरूर ने बांग्लादेश के हालात पर दी चेतावनी, कहा- वहां का भीड़तंत्र भारत के लिए खतरा
नई दिल्ली। बांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या के बाद माहौल खराब है। बांग्लादेश में भारत के सहायक उच्चायोगों पर भी कट्टरपंथी हमले की कोशिश कर चुके हैं। एक हिंदू दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद सरेआम शव भी जलाया गया। दो अखबारों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में आगजनी की गई। शेख मुजीबुर्रहमान के आवास 32 धानमंडी में भी तोड़फोड़ हुई है। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति अध्यक्ष शशि थरूर ने बांग्लादेश के बारे में चेतावनी दी है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि बांग्लादेश में भीड़ हावी हो रही है। ये भीड़तंत्र न सिर्फ बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रकिया के लिए खतरा, बल्कि भारत समेत पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा है। शशि थरूर ने बयान में कहा है कि बांग्लादेश में प्रेस की आजादी पर हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। थरूर ने कहा कि भीड़तंत्र को किसी भी हाल में हावी नहीं होने दिया जा सकता। शशि थरूर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से मांग की है कि वो अपने यहां राजनयिक मिशनों को सुरक्षा दे। साथ ही लक्ष्य बनाए गए दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को अतिरिक्त सुरक्षा भी मुहैया कराए। शशि थरूर ने बांग्लादेश में हिंसा और असिहष्णुता को लोकतंत्र के लिए अशुभ बताया। कांग्रेस सांसद के मुताबिक बांग्लादेश अगर संक्रमण काल से लोकतांत्रिक तरीके से बाहर निकलना चाहता है, तो भीड़तंत्र की जगह रचनात्मक संवाद होना चाहिए।
शशि थरूर ने बांग्लादेश की कार्यकारी सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से कहा है कि रचनात्मक संवाद के लिए वो खुद आगे आएं और नेतृत्व करें। थरूर ने कहा है कि बांग्लादेश की स्थिरता पूरे दक्षिण एशिया के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत स्थिर, समृद्ध और शांतिपूर्ण पड़ोस चाहता है। बांग्लादेश में अस्थिरता का सीधा असर भारत की सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आर्थिक हित पर पड़ता है। थरूर ने कहा कि बांग्लादेश को तीन प्रमुख कदम उठाना चाहिए। उसे पत्रकारों-मीडिया की पूरी सुरक्षा करनी चाहिए। भारत के राजनयिक मिशन की रक्षा करनी चाहिए और शांति बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसद के चुनाव होने हैं। वहां 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की सरकार का तख्ता पलट किया गया था।
