February 17, 2026

Hind foucs news

hindi new update

अरावली में नए खनन पट्टे दिए जाने पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक, बढ़ाया जाएगा संरक्षित क्षेत्र का दायरा

नई दिल्ली। अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे दिए जाने पर केंद्र सरकार ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। दिल्ली से लेकर हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक फैली पूरी अरावली श्रृंखला पर माइनिंग लीज से संबंधित यह रोक एकसमान तरीके से लागू होगी। इस संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से सभी संबंधित राज्यों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने अरावली की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि इसके अंतर्गत आने वाले संरक्षित क्षेत्र के दायरे को भी बढ़ाया जाएगा।

केंद्र सरकार ने कहा कि माइनिंग के नए लाइसेंस न दिए जाने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि पहाड़ों में हो रहे अवैध और अनियमित खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। इस फैसले से अवैध खनन पर लगाम लगेगी, अरावली की प्राकृतिक संरचना सुरक्षित रहेगी तथा अवैध खनन की वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि अरावली के लिए जो भी खनन पट्टे बांटे गए हैं उनके नियम और सख्त किए जाएं तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि माइनिंग की मॉनिटरिंग हो।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को यह निर्देश जारी किया है कि वह पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे और इलाकों की पहचान करें, जहां खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए। यह नए इलाके पहले से चिन्हित प्रतिबंधित क्षेत्र से अलग होंगे। स्थानीय भू-आकृति, पारिस्थितिकी और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी ताकि अरावली का संरक्षित जोन बढ़ाया जा सके। केंद्र सरकार के अनुसार रेगिस्तान के फैलाव को रोकने, जैव विविधता को बचाने, भूजल स्तर को बनाए रखने तथा क्षेत्र को पर्यावरणीय सेवाएं देने के लिए अरावली का संरक्षण जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *