1.1 करोड़ के इनामी गणेश उइके समेत 6 नक्सली एनकाउंटर में ढेर, मरने वालों में दो महिला माओवादी भी शामिल
नई दिल्ली। नक्सल रोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को आज एक और बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी। ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुए एनकाउंटर में शीर्ष नक्सली नेता गणेश उइके समेत 6 माओवादी मारे गए। गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। वो CPI (माओइस्ट) सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और लंबे समय से वांछित था। जिन नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ है उनमें दो महिला नक्सली भी हैं। ओडिशा की स्पेशल फोर्स एसओजी, सीआरपीएफ और बीएसफ की संयुक्त टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
सुरक्षा बलों ने घटनास्थल रिवॉल्वर, .303 राइफल और एक वॉकी-टॉकी सेट जब्त किया है। सुरक्षा बलों की टीम के द्वारा इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। उड़ीसा पुलिस के नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि एसओजी, सीआरपीएफ और बीएसफ की संयुक्त कंधमाल जिले और गंजम जिले के बॉर्डर पर स्थित राम्पा के जंगल में सर्च अभियान पर थी। इसी दौरान वहां छिपे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों की ओर से भी गोलीबारी की गई। काफी देर तक दोनों तरफ से रुक रुक कर गोलीबारी होती रही। गोलीबारी बंद होने के बाद वहां से नक्सलियों के शव बरामद हुए।
इससे पहले अभी पिछले महीने ही 1 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली कमांडर माडवी हिडमा को भी सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उस एनकाउंटर में हिडमा के अलावा उसकी पत्नी राजे समेत कुल 6 नक्सली मारे गए थे। अभी दो दिन पहले ही 23 दिसंबर को ओडिशा के मलकानगिरी में 22 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने एके और इंसास राइफल शामिल 9 बंदूकें, 150 कारतूस, 20 किलोग्राम विस्फोटक, 13 आईईडी, जिलेटिन छड़ें और अन्य घातक सामग्री अधिकारियों को सौंपी थी। बता दें कि मोदी सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को देश से पूरी तरह खत्म करने का बीड़ा उठाया है।
