बांग्लादेश को भारत ने नाराजगी का दिया साफ संदेश, ढाका गए विदेश मंत्री जयशंकर ने उठाया ये कदम
नई दिल्ली। बांग्लादेश में कट्टरपंथी लगातार भारत विरोधी बयान दे रहे हैं। भारत के पूर्वोत्तर इलाके को अलग करने की धमकी भी बांग्लादेश में सेना के कई पूर्व अफसर और नेता दे चुके हैं। वहीं, बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या भी हो रही है। ऐसे में भारत ने बांग्लादेश से अपनी नाराजगी साफ तौर पर जताई है। बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात नहीं की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर सिर्फ खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान से मिले और उनको पीएम नरेंद्र मोदी की निजी चिट्ठी दी। इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने बांग्लादेश में पहले जैसे बेहतर हालात की कामना भी की है। वहीं, जयशंकर ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक से भी मुलाकात की। अयाज सादिक वही हैं, जिन्होंने 2019 में पाकिस्तान पर भारत की एयर स्ट्राइक के बाद नेशनल असेंबली में कहा था कि अभिनंदन को पकड़ने के बाद भारत के संभावित हमले के कारण पाकिस्तान के तत्कालीन सेना अध्यक्ष बाजवा और विदेश मंत्री किस तरह थर-थर कांप रहे थे।
एक तरफ जयशंकर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस से मुलाकात नहीं की। वहीं, अयाज सादिक और नेपाल के विदेश मंत्री बाला नंद शर्मा ने जमुना जाकर यूनुस से मुलाकात की। भारत लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार रोकने और भारत के खिलाफ बयानबाजी कर रहे कट्टरपंथियों और वहां की सेना के पूर्व अफसरों पर लगाम कसने की मांग कर रहा है। वहीं, भारत ने बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को भी शरण दे रखी है। वहीं, बांग्लादेश में हसीना सरकार के पतन के बाद भारत विरोधियों की पौ बारह हो गई है। मोहम्मद यूनुस की सरकार इनके खिलाफ सख्त कद भी नहीं उठा रही है। ऐसे में जयशंकर का यूनुस से मुलाकात न करना साफ संदेश है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के तौर-तरीकों से भारत नाराज है।
