2017 के पहले जय श्रीराम बोलने पर पड़ जाती थी लाठी, अयोध्या में योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकारों को खूब सुनाया
नई दिल्ली। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने उत्तर प्रदेश की पूर्व सरकारों को खूब सुनाया। सीएम ने कहा, पिछली सरकारों ने अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया था। जिस अयोध्या में कभी संघर्ष नहीं होते थे उस अयोध्या को लहूलुहान करने वाले लोग, जिनके शासन में आतंकी हमले कर अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास हुआ था लेकिन प्रभु श्रीराम की कृपा और बजरंगबली जहां की रक्षा स्वयं कर रहे हों वहां तो ‘भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे’, तो कैसे कोई आतंकी यहां घुस जाता। जैसे ही आतंकियों ने 2005 में दुस्साहस किया था, हमारे पीएसी के जवानों ने ठक-ठक कर उनको वहीं पर मार गिराया था।
अयोध्या तो संदेश देती है और उसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए देश और दुनिया का कोई सनातन धर्मावलंबी नहीं जो अयोध्या आकर दर्शन कर अभिभूत न होना चाहता हो। पिछले 5 वर्ष में 45 करोड़ से अधिक भक्त अयोध्या धाम आए हैं। जहां पर पहले कुछ लाखों में लोग आते थे, याद करिए 2017 के पहले न बिजली थी, न पानी था, न स्वच्छता थी, न सड़क थी, न कनेक्टिविटी थी, कोई सुविधा नहीं थी।
सुरक्षा की भी व्यवस्था नहीं थी और कोई जय श्रीराम बोलता था तो उस पर लाठी जरूर पड़ जाती थी, गिरफ्तारियां हो जाती थीं। आज तो आप देश में जाइए राम-राम बोलिए, जय श्रीराम बोलिए और अब तो भारत सरकार की योजना भी ‘जी राम जी’ के नाम पर आ गई है जो भारत सरकार की सबसे बड़ी रोजगार योजना बनने जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंदिर आंदोलन के अनेक पड़ाव अयोध्या ने देखे हैं। कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ से, मजहबी जुनून और सत्ता की तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था।
