मुरादाबाद। दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के बाहर अतिक्रमण विरोधी अभियान को रोकने के लिए उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया था। अब मुरादाबाद के पूर्व सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने पथराव करने वालों का पक्ष लेने वाला बयान दिया है। एसटी हसन ने कहा कि धार्मिक स्थल से लोगों की भावना और आस्था जुड़ी होती है। आदमी कब तक आंदोलन नहीं करेगा? समाजवादी पार्टी नेता एसटी हसन ने ये आरोप भी लगाया कि अतिक्रमण के नाम पर उत्पीड़न हो रहा है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनको लग रहा है कि चुनिंदा तरीके से कार्रवाई हो रही है। एसटी हसन ने कहा कि अगर एक जैसी कार्रवाई हो, तो हर जगह लोगों को सब्र होता है, लेकिन जब एक जैसी कार्रवाई नहीं होती और खासतौर पर धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई होती है, तो ये लोगों की भावना और आस्था से जुड़ा होता है। एसटी हसन ने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई होगी, तो प्रतिक्रिया तो होगी ही। उन्होंने कहा कि कब तक मस्जिदों और मदरसों को गिराया जाएगा? समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद ने कहा कि क्या कल जामा मस्जिद का भी कोई महत्व नहीं, उनकी संपत्ति का भी कोई लिखित आधार नहीं, नक्शा पास नहीं, तो क्या वो भी अवैध होगी?
समाजवादी पार्टी के नेता ने आगे कहा कि इनका क्या भरोसा, कल ये दिल्ली की जामा मस्जिद को भी गिराने पहुंच जाएं। एसटी हसन ने कहा कि मुस्लिमों से दुश्मनी में इन्होंने सारी हद पार कर दी है। अगर जनता सड़कों पर आएगी, तो हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बहुत सोच-समझकर और जायज कार्रवाई ही करनी चाहिए। बता दें कि दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद से लगे बारात घर और डायगनोस्टिक सेंटर को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों को एमसीडी ने तोड़ा है। जबकि, उपद्रवियों के साथ नेता भी भ्रम फैला रहे हैं कि एमसीडी ने फैज-ए-इलाही मस्जिद पर कार्रवाई की है।
