अंबरनाथ में बीजेपी ने कर दिया एक और खेल, कांग्रेस से निष्कासित 12 पार्षदों ने थामा ‘कमल’
मुंबई। महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी ने एक और खेल कर दिया। यहां कांग्रेस से निकाले गए 12 पार्षदों ने बीजेपी ज्वॉइन कर ‘कमल’ थाम लिया है। कांग्रेस के इन पार्षदों ने बीजेपी के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास आघाड़ी बनाई थी। इस गठबंधन में अजित पवार की एनसीपी भी शामिल हुई थी। बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी पार्षदों का गठबंधन बनने की वजह से अंबरनाथ नगर परिषद में सबसे ज्यादा सीट हासिल करने के बाद भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना कुछ नहीं कर सकी। नतीजे में अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी का मेयर चुन लिया गया था। इससे शिवसेना भी बहुत नाराज है।
अंबरनाथ में जब कांग्रेस के टिकट पर जीते पार्षदों ने बीजेपी से हाथ मिलाने का फैसला किया, तो पार्टी के प्रदेश या राष्ट्रीय नेतृत्व को इसकी भनक तक नहीं लगी। मीडिया में जब ये खबर आई कि अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस के 12 पार्षदों ने बीजेपी के साथ गठजोड़ कर विकास आघाड़ी बनाई है, तो कांग्रेस के प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक के कान खड़े हुए। कांग्रेस पर जब बीजेपी के साथ जाने के लिए सवाल उठे, तो पार्टी ने फैसला किया कि अंबरनाथ नगर परिषद में जीते अपने पार्षदों को निष्कासित किया जाए। निष्कासन का आदेश जारी होने के बाद ही अंबरनाथ नगर परिषद के लिए चुने गए कांग्रेस के 12 पार्षदों ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली।
अंबरनाथ नगर परिषद पर पहले शिवसेना का कब्जा था। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अंबरनाथ नगर परिषद में इस बार 27 सीट हासिल की थी। वहीं, बीजेपी को 14, कांग्रेस को 12 और अजित पवार की एनसीपी को 4 पार्षद सीट हासिल हुई थी। यहां मेयर चुने जाने के लिए 31 सीट की जरूरत थी। शिवसेना के पास इससे 4 कम पार्षद थे। इस पर बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी पार्षदों को साथ लिया और अपना मेयर बना लिया। ताजा घटनाक्रम से जहां एकनाथ शिंदे की शिवसेना को झटका लगा है। वहीं, कांग्रेस को भी अंबरनाथ में अपने सभी पार्षद गंवाने पड़े हैं। जो कांग्रेस के लिए भी बड़ा झटका है।
