‘हमें अपने इतिहास का बदला लेना है’, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अहम बयान
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमें अपने इतिहास का बदला लेना है। दिल्ली में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के उद्घाटन समारोह में एनएसए अजित डोभाल ने कहा कि आजाद भारत इतना आजाद नहीं था, जैसा अब दिखता है। उन्होंने कहा कि भारत को आजाद कराने के लिए पूर्वजों ने बहुत बलिदान दिया। डोभाल ने कहा कि पूर्वजों ने बहुत अपमान सहा और गहरी लाचारी का दौर देखा। कई को फांसी हुई और हमारे गांव जला दिए गए।
अजित डोभाल ने कहा कि हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम बेबसी से देखते रहे। उन्होंने कहा कि ये इतिहास हमारे सामने चुनौती पेश करता है कि आज भारत के हर युवा के भीतर आग होनी चाहिए। एनएसए अजित डोभाल ने कहा कि बदला शब्द सही नहीं है, लेकिन बदला खुद में शक्तिशाली है। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास का बदला लेना है। अजित डोभाल ने कहा कि भारत को उस जगह वापस ले जाना है, जहां हम अपने अधिकार, विचार और मान्यताओं के आधार पर महान देश बना सकें। उन्होंने कहा कि हमने कहीं जाकर नहीं लूटा, न किसी देश या विदेशियों पर हमला किया। अजित डोभाल ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा और खुद पर आने वाले खतरों को समझने में नाकाम रहे।
अजित डोभाल पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि भारतीयों ने कभी भी किसी देश पर कब्जा करने की नीयत नहीं रखी। उनका ताजा बयान इस मायने में अहम है क्योंकि देश सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहा है। 8 जनवरी 1026 को महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण किया था। उसके बाद से सोमनाथ मंदिर पर कई हमले हुए और उसे ध्वस्त किया गया। इसके बावजूद हर बार सोमनाथ मंदिर फिर बनता रहा और आज भी गुजरात के सौराष्ट्र जिले में शान से भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग पर बना ये मंदिर खड़ा है।
