कानपुर देहात में अवैध धर्मांतरण के आरोप में तीन गिरफ्तार, पुलिस ने बताया किस तरह गरीबों और दलितों को जाल में फंसाते थे आरोपी
कानपुर। यूपी के कानपुर देहात में अवैध धर्मांतरण कराए जाने का पर्दाफाश हुआ है। गरीबों को जाल में फंसाकर उनका धर्म बदलवाने के आरोप में कानपुर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि धर्मांतरण का मामला अकबरपुर कोतवाली का है। नवाकांति सोसायटी नाम की संस्था पर आरोप लगा है कि वो कई साल से गरीबों और दलित समुदाय के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी। इस बारे में रामभरोसे नाम के शख्स ने पुलिस से शिकायत की थी। वो नवाकांति सोसायटी से जुड़ा था और खुद भी धर्मांतरण करा चुका है।
रामभरोसे ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि नवाकांति सोसायटी के लोग पहले गरीबों और दलित समुदाय के लोगों को सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर, सैलून और अन्य प्रशिक्षण देने के नाम पर साथ लाते थे। संस्था की बैठकों में घरेलू उपकरण, रोजगार के साधन, हैंडपंप लगाने और अन्य सुविधाओं का लालच दिया जाता था। अन्य लोगों को संस्था से जोड़ने वालों को हर महीने 6000 रुपए देने का लालच भी दिया जाता था। रामभरोसे की शिकायत में बताया गया कि पहले सामान्य बातचीत की जाती। फिर बाइबल पढ़ाने के साथ ईसाई धर्म की प्रार्थनाएं कराई जातीं। फिर धर्मांतरण की कसम भी नवाकांति सोसायटी दिलवाती। रामभरोसा का दावा है कि संस्था की कई बैठकों में विदेशी भी दिखाई दिए थे।
रामभरोसे के मुताबिक जब इन गतिविधियों पर लोगों ने सवाल उठाए और धर्मांतरण से इनकार किया, तो संस्था के लोगों ने दोगुनी रकम लौटाने के लिए कहा और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। धर्मांतरण की ये गतिविधि बीते 10 साल से अकबरपुर कोतवाली से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर चल रही थी। कानपुर देहात की पुलिस ने शिकायत मिलते ही चार लोगों पर एफआईआर लिखी और डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा। कानपुर देहात की एसपी श्रद्दा पांडेय ने बताया कि पुलिस इस धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है। नवाकांति सोसायटी ने कितने लोगों का धर्मांतरण कराया, इसका फिलहाल पता नहीं चल सका है। हालांकि, दावा ये किया जा रहा है कि संस्था ने हजारों लोगों का धर्म परिवर्तन कराया।
