February 15, 2026

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सहारनपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक हत्या से सनसनी, घर में बिखरा खून और सवालों के घेरे में कारण

रविन्द्र बंसल

सहारनपुर । उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। यहां एक ही परिवार के पांच लोगों के शव एक कमरे से बरामद किए गए। मृतकों में अमीन अशोक (40), उसकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे—कार्तिक (16) व देव (13) शामिल हैं। सभी के माथे पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं। इस सामूहिक हत्याकांड ने न सिर्फ लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कमरे में खामोशी और बगल में हथियार
पुलिस के अनुसार अमीन और उसकी पत्नी का शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला, जबकि मां और दोनों बच्चे बेड पर थे। मौके से तीन तमंचे बरामद किए गए हैं, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। घर को सील कर दिया गया है और सभी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनकी कॉल डिटेल व डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है।

परिवार का शांत स्वभाव, फिर इतना बड़ा कदम क्यों?
पड़ोसियों के अनुसार यह परिवार बेहद शांत स्वभाव का था। किसी से कोई विवाद, झगड़ा या दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। अमीन को उसके पिता की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे में नौकरी मिली थी और वह नकुड़ तहसील में तैनात था। बड़ा बेटा कार्तिक कक्षा 10 में पढ़ता था, जबकि छोटा बेटा देव एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। ऐसे में अचानक पूरे परिवार का इस तरह खत्म हो जाना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है।

पुलिस की जांच: तीन प्रमुख एंगल

पुलिस फिलहाल मामले की जांच तीन मुख्य बिंदुओं पर कर रही है—

1. हत्या के बाद आत्महत्या का एंगल: पुलिस को शक है कि अमीन ने पहले अपनी मां, पत्नी और दोनों बेटों को गोली मारी और बाद में खुद को भी गोली मार ली।

2. घरेलू विवाद या मानसिक दबाव: यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी बात को लेकर अचानक विवाद तो नहीं हुआ, जिसके बाद गुस्से या मानसिक असंतुलन में यह खौफनाक कदम उठाया गया।

3. बाहरी व्यक्ति की भूमिका: हालांकि प्रारंभिक जांच में लूट, रंजिश या बाहरी हमले के संकेत नहीं मिले हैं, फिर भी पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है।

कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
इस सामूहिक हत्याकांड ने एक बार फिर अवैध हथियारों की उपलब्धता और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। तीन तमंचों का एक ही घर से मिलना कानून-व्यवस्था की सख्ती पर सवाल खड़े करता है। साथ ही यह भी चिंता का विषय है कि यदि किसी व्यक्ति पर मानसिक या पारिवारिक दबाव था, तो समय रहते उसकी पहचान और मदद क्यों नहीं हो सकी।

पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की असली वजह सामने आएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जा रही है और दोषी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

संवेदनशील समाज के लिए चेतावनी
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि मानसिक तनाव, घरेलू संवाद की कमी और अवैध हथियारों की मौजूदगी किस कदर भयावह परिणाम ला सकती है। सहारनपुर की यह वारदात लंबे समय तक लोगों के मन में सवाल बनकर गूंजती रहेगी—कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

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