डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ उठ खड़े हुए यूरोप के देश, ग्रीनलैंड मसले पर टैरिफ को अस्वीकार्य कर बोले- धमकी नहीं सहेंगे…
पेरिस/लंदन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मसले पर डेनमार्क समेत 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का एलान किया है। यूरोपीय देश इस पर ट्रंप के खिलाफ खड़े हो गए हैं। ग्रीनलैंड मसले पर ट्रंप की ओर से टैरिफ के एलान पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर, स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन की तीखी प्रतिक्रिया आई है। इन सभी ने ट्रंप के एलान को खारिज कर दिया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप की धमकी को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में धमकी की कोई जगह नहीं है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि यूरोप के देश एकजुट हैं और साथ प्रतिक्रिया देंगे। मैक्रों ने कहा कि देशों की संप्रभुता और आजादी के प्रति फ्रांस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी आधार पर उसने ग्रीनलैंड में डेनमार्क के सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया। मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेता है, क्योंकि आर्कटिक और यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा दांव पर है। उन्होंने कहा कि किसी भी धमकी या दबाव से प्रभावित नहीं होंगे। चाहे वो यूक्रेन, ग्रीनलैंड या दुनिया के किसी हिस्से में हो।
वहीं, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने ट्रंप के टैरिफ पर कहा कि नाटो सहयोगी देशों की सामूहिक सुरक्षा के लिए खड़े होने पर उनके खिलाफ टैरिफ लगाना पूरी तरह गलत है। स्टार्मर ने कहा कि अमेरिका के सामने ब्रिटेन इस मुद्दे को उठाएगा। ब्रिटेन के पीएम ने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने का हक सिर्फ डेनमार्क और ग्रीनलैंड को ही है। वहीं, स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिसटर्सन ने कहा कि उनका देश किसी ब्लैकमेलिंग को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने इसे पूरे यूरोपीय संघ का मुद्दा बताया। स्वीडन इस मामले में नॉर्वे और ब्रिटेन से मिलकर साझा जवाब देगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं। जो पूरी दुनिया के लिए अहम है। उर्सुला ने कहा कि यूरोपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ मजबूती से खड़ा है। यूरोप एकजुट रहकर अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा।
