दिल्ली में किन वजहों से होता है जबरदस्त प्रदूषण?, सुप्रीम कोर्ट में दिए गए आंकड़ों से खुलासा
नई दिल्ली। हर साल की तरह इस साल भी दिल्ली में जबरदस्त प्रदूषण का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। कई बार एक्यूआई तो 400 से भी ऊपर चला गया। नतीजे में दिल्ली में ग्रैप-4 की पाबंदियां भी लागू हुईं। देश की राजधानी दिल्ली में जबरदस्त प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जता चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण के कारण की पड़ताल के लिए कहा था। अब एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट कमीशन ने दिल्ली में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार वजहों का आंकड़ा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है।
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने बताया है कि दिल्ली में वाहनों की वजह से मुख्य तौर पर प्रदूषण होता है। कमीशन ने बताया है कि ठंड में दिल्ली में वाहनों की वजह से प्रदूषण 23 फीसदी होता है। जबकि, गर्मी में ये घटकर 19 फीसदी हो जाता है। कमीशन के मुताबिक ठंड के मौसम में धूल का 15 फीसदी प्रदूषण में हिस्सा होता है। गर्मी में ये 27 फीसदी हो जाता है। जबकि, ठंड में दिल्ली में 9 फीसदी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार उद्योग हैं। ये आंकड़ा गर्मी में 14 फीसदी होता है। ठंड के मौसम में पराली का दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाने में 20 फीसदी हिस्सा रहता है। गर्मी में इसका आंकड़ा घटकर 12 फीसदी हो जाता है।
ऐसे में देखा जाए, तो वाहनों और पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में पराली जलाने और वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से ही दिल्ली में ठंड के मौसम में प्रदूषण बढ़ता है। माना जा रहा है कि एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की ओर से प्रदूषण के कारक बताए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई अहम कदम उठा सकता है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही पराली जलाने पर रोक लगा चुका है, लेकिन किसान ऐसा अब भी करते हैं। नतीजे में पिछले सीजेआई बीआर गवई ने तो ये तक कहा था कि वो पराली जलाने वाले किसानों को जेल भेजेंगे। वहीं, पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि राज्य में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं। हरियाणा और यूपी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में यही बताया था।
