‘लालू-तेजस्वी की आरजेडी संग नहीं रहना चाहते’, बिहार कांग्रेस के विधायकों ने आलाकमान से कही ये बात
नई दिल्ली। बिहार कांग्रेस में लालू यादव और तेजस्वी की आरजेडी से अलग होने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। दिल्ली में शुक्रवार को बिहार कांग्रेस के सभी छह विधायकों ने राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात में भी ये मांग उठाई। दैनिक हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक कांग्रेस के विधायकों ने राहुल गांधी और खरगे से कहा कि लालू-तेजस्वी की आरजेडी के साथ नहीं रहना चाहते। अखबार के मुताबिक कांग्रेस के विधायकों ने इन अटकलों को भी गलत बताया कि वे पाला बदलने जा रहे हैं। बीते दिनों जेडीयू के एक नेता ने दावा किया था कि कांग्रेस के सभी छह विधायक उनकी पार्टी में शामिल होंगे।
बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता शकील अहमद भी पहले लालू यादव और तेजस्वी की आरजेडी से अलग होने की मांग उठा चुके हैं। पहले खबरें आ चुकी हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही राज्य के कांग्रेस नेता अकेले दम पर मैदान में उतरने की मांग करते रहे। उनकी मांग के बावजूद बिहार में कांग्रेस ने आरजेडी से अलग होने का कदम नहीं उठाया। बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव लगातार ये दावा करते रहे कि इस बार नीतीश कुमार को सत्ता से हटाकर आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन सत्ता हासिल करेगा, लेकिन बिहार विधानसभा के चुनाव ने उनके दावों पर बुरी तरह पानी फेर दिया।
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ऐसी दुर्गति हुई कि लालू-तेजस्वी की पार्टी आरजेडी को सिर्फ 25 सीट हासिल हो सकी। जबकि, 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उसे 75 सीट मिली थीं। इसी तरह इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सिर्फ छह विधायक चुने गए। इससे पहले 2020 में कांग्रेस के 19 विधायक चुनकर बिहार विधानसभा में पहुंचे थे। ऐसे में आरजेडी के साथ कांग्रेस की भी बिहार में फजीहत हुई है। अखबार को सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस हाईकमान ने अभी लालू-तेजस्वी की आरजेडी से अलग होने का फैसला नहीं किया है। आने वाले दिनों में इस दिशा में कोई कदम उठ सकता है।
