पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर और सख्त हुआ चुनाव आयोग, लिए ये दो बड़े फैसले
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर टीएमसी नेताओं की धमकी, फॉर्म-7 फाड़े जाने की घटनाओं वगैरा के बाद चुनाव आयोग और सख्ती बरतने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर माइक्रो ऑब्जर्वर को तैनात करने का फैसला किया है। ये माइक्रो ऑब्जर्वर ओडिशा, झारखंड और बिहार से भेजे जा रहे हैं। जो सोमवार से काम संभालेंगे और देखेंगे कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर को ठीक तरह से कराया जाए। ये माइक्रो ऑब्जर्वर पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों के ईआरओ के साथ मिलकर काम करेंगे।
वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को आदेश दिया है कि एसआईआर संबंधी सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था खराब होने की स्थिति में वो तुरंत एफआईआर कराएं। राज्य निर्वाचन अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के डीईओ से ये भी कहा है कि एसआईआर का काम कर रहे किसी अफसर या स्टाफ को धमकी देने पर भी एफआईआर कराई जाए। आदेश में कहा गया है कि अगर ऐसी घटनाओं पर एफआईआर कराने में देर हुई, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित डीईओ के खिलाफ एक्शन होगा।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद अब लोगों को नोटिस भेजकर सुनवाई हो रही है। इस दौरान कई जगह टीएमसी नेताओं ने चुनाव आयोग और अफसरों को धमकी दी। इसके अलावा कई जगह बीजेपी की ओर से वोटरों के नाम हटाने के लिए दिए गए फॉर्म-7 को उपद्रव कर फाड़ा गया। कई जगह से ऐसी शिकायतें भी आईं कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं से फॉर्म-7 लेने से अफसरों ने इनकार किया। ये सभी मामले सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने अपना रवैया सख्त किया है। इससे पहले चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की ओर से भी धमकी मिलने का जिक्र किया था। दरअसल, ममता बनर्जी और टीएमसी के नेता लगातार कह रहे हैं कि अगर एक भी वोटर का नाम गलत तरीके से काटा गया, तो वे इसे सहन नहीं करने वाले।
