महंगे शौक के कारण ट्रेनों में चोरी करने लगा इंजीनियर, एक कदम से खंडवा जीआरपी के हत्थे चढ़ा
खंडवा। मध्य प्रदेश में खंडवा जीआरपी ने एक इंजीनियर को चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। चोरी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी का नाम योगेश चव्हाण है। वो मूल रूप से महाराष्ट्र के वाशिम इलाके का है। खंडवा जीआरपी के मुताबिक योगेश के शौक महंगे वाले थे। इन शौक को पूरा करने के लिए उसने कर्ज लिया और उसे चुका नहीं पा रहा था। जिसकी वजह से उसने चोरी करने की ठानी और ट्रेनों में यात्रियों का सामान पार करने लगा। योगेश पर आरोप है कि वो काफी दिन से ट्रेनों में चोरी कर रहा था, लेकिन खंडवा जीआरपी के हत्थे चढ़ गया। उसके पास से ढाई लाख का सामान बरामद हुआ है।
खंडवा जीआरपी के मुताबिक 24 जनवरी को कन्हैयालाल मिश्र नाम के व्यक्ति पत्नी के साथ मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से पटना जा रहे थे। जनता एक्सप्रेस के बी-2 एसी कोच में कन्हैयालाल और उनकी पत्नी सफर कर रहे थे। कन्हैयालाल की पत्नी ने अपने सिरहाने पर्स रखा हुआ था। जिसमें करीब 6500 रुपए, एक मोबाइल और कॉस्मेटिक का सामान था। कन्हैयालाल और उनकी पत्नी सो रहे थे, जब पर्स चोरी कर लिया गया। कन्हैयालाल मिश्र ने सतना जीआरपी में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। जहां से शिकायत को खंडवा जीआरपी को भेजा गया। खंडवा जीआरपी के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के छह नंबर प्लेटफॉर्म के किनार संदिग्ध युवक मोबाइल बेचने की कोशिश कर रहा है।
ये जानकारी मिलते ही खंडवा जीआरपी के अफसर और जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक को पकड़ा। पूछताछ में युवक ने अपना नाम योगेश चव्हाण बताया। उसने पिता का नाम निवास चव्हाण और पता वाशिम के मंगरुलपीर के शेगी होने की जानकारी खंडवा जीआरपी को दी। योगेश ने पूछताछ में बताया कि उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उसके पास एक बैग भी था। जिसकी तलाशी लेने पर महिला के इस्तेमाल का पर्स, 9500 रुपए, 7 मोबाइल और कॉस्मेटिक का सामान मिला। योगेश ने पूछताछ में माना कि उसने 24 जनवरी को जनता एक्सप्रेस के एसी कोच से महिला का पर्स चोरी किया था। उसने खंडवा जीआरपी को बताया कि पहले भी ऐसी ही दो चोरियां कर चुका है।
