ट्रेन लेट होने के चलते छूट गई थी छात्रा की NEET परीक्षा, अब रेलवे को देना पड़ेगा हर्जाना
नई दिल्ली। यूपी में एक छात्रा की NEET परीक्षा ट्रेन लेट होने के चलते छूट गई थी। इस वजह से छात्रा का पूरा साल बर्बाद हो गया। छात्रा ने इसके लिए रेलवे पर मुकदमा ठोक दिया। कई सालों तक चले केस के बाद अदालत ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को आदेश दिया कि वो छात्रा को मुआवजा दे। यह मामला 2018 का है जिस पर उपभोक्ता फोरम का अब फैसला आया है। रेलवे को बतौर हर्जाना छात्रा को 9 लाख 10 हजार हर्जाना देना होगा। कोर्ट ने मुआवजा देने के लिए रेलवे को 45 दिन का समय दिया है।
मऊ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के पिकौरा बक्स मोहल्ले की रहने वाली छात्रा समृद्धि नीट की तैयारी कर रही थी। उसका नीट का परीक्षा केंद्र लखनऊ के जयनारायण पीजी कॉलेज में पड़ा था। 7 मई 2018 को परीक्षा देने के लिए समृद्धि बस्ती से बस्ती से इंटरसिटी सुपरफास्ट ट्रेन में सवार हुई। छात्रा को 12.30 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचना था। ट्रेन का लखनऊ पहुंचने का निर्धारित समय 11 बजे था लेकिन ट्रेन किसी कारणवश लेट हो गई और वो अपने नियत समय से ढाई घंटे की देरी से दोपहर 1.30 बजे लखनऊ पहुंची। इस कारण से समृद्धि नीट का पेपर नहीं दे पाई थी। इस बात से आहत होकर समृद्धि ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और रेलवे के लिए वाद दायर किया गया।
इसके बाद रेल मंत्रालय, रेलवे महाप्रबंधक और स्टेशन अधीक्षक को नोटिस भेजा कर जवाब मांगा गया। जवाब न मिलने पर 11 सितंबर 2018 को कोर्ट ने रेलवे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। फोरम ने दोनों पक्षों को सुना और रेलवे को यह आदेश दिया कि वो छात्रा को 45 दिन में 9 लाख 10 हजार रुपए का मुआवजा दे। फोरम ने यह भी कहा कि अगर तय समय पर छात्रा को मुआवजा राशि नहीं दी गई तो रेलवे को सम्पूर्ण राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज अलग से देना होगा।
