ईरान के साथ खड़ा हुआ यूएई, डोनाल्ड ट्रंप को झटका देते हुए हमले में अपनी सीमा का इस्तेमाल न होने देने का किया एलान
दुबई। बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार काउंसिल में भारत, चीन और पाकिस्तान समेत 7 देशों ने ईरान का साथ देते हुए पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया था। अब यूएई भी ईरान के पक्ष में खड़ा हो गया है। यूएई ने अमेरिका को बड़ा झटका देते हुए कहा है कि वो ईरान पर हमले के लिए किसी भी देश को अपनी जल, थल और नभ सीमा का इस्तेमाल नहीं करने देगा। यूएई ने कहा है कि इस संबंध में किसी तरह के साजो सामान की मदद नहीं करने की वो पुष्टि करता है।
यूएई ने ईरान के मसले पर कहा है कि बातचीत, तनाव कम करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और किसी देश की संप्रभुता का सम्मान ही संकट को दूर करने का सबसे असरदार तरीका है। यूएई का ये बयान काफी अहम है, क्योंकि वो ईरान के नजदीक है और अमेरिका का दोस्त भी है। यूएई का ये बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिका ईरान के पास अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। अमेरिका का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन भी फारस की खाड़ी पहुंच चुका है। इसके अलावा खाड़ी देशों के अपने सैन्य अड्डों पर अमेरिका ने सैनिक, हथियार और लड़ाकू विमान भी भेजे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच दशकों पुराना विवाद है। बीते दिनों जब ईरान में आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, तो वहां के सुप्रीम लीडर अली खामनेई के निर्देश पर सेना और पुलिस ने कार्रवाई की। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों के जवानों समेत 3500 से ज्यादा लोगों की जान गई। वहीं, विरोध प्रदर्शनों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये कहकर भड़काने की कोशिश की कि ईरान के लोग सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए काम करें, अमेरिका उनकी मदद करने बस आ ही रहा है। हालांकि, उस वक्त अमेरिका ने दखल नहीं दिया। फिर ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो वो मैदान में कूदेगा। इस पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि उस पर कोई हमला हुआ, तो उसे युद्ध माना जाएगा।
