ये रहे भारत-अमेरिका ने व्यापार समझौते के अहम बिंदु, पीएम मोदी ने बोले- हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते का साझा फ्रेमवर्क जारी कर दिया है। भारत और अमेरिका की ओर से व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के बारे में जारी साझा बयान में कहा गया है कि दोनों ही देश इसे तुरंत लागू करेंगे। साथ ही इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काम करेंगे। भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के अहम बिंदुओं के बारे में भी बताया है। इसमें कहा गया है कि भारत के सामान पर टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी किया गया है। साथ ही अमेरिका का 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार भारत के एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए खुल गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस फ्रेमवर्क के एलान को भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर बताया है। पीएम मोदी ने कहा है कि हमने अपने महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मज़बूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं। पीएम मोदी ने कहा है कि ये फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है। ये भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मज़बूत करता है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। पीएम मोदी ने कहा है कि जैसे-जैसे भारत एक विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के मुताबिक जेनेरिक दवाइयां, हीरे, जवाहरात और विमानों के पुर्जों पर शून्य फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। भारत के कपड़ा उद्योग, चमड़े, जूते, रबर, प्लास्टिक, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोरेशन, हस्तशिल्प और कुछ मशीनों का अमेरिका को निर्यात बढ़ेगा। सभी कृषि और डेयरी उत्पादों को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से बाहर रखने, अमेरिका के कृषि और औद्योगिक उत्पादों जैसे मेवे, फल, सोयाबीन, तेल, शराब और पशुओं के आहार पर भारत टैरिफ घटाएगा। इनके अलावा डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले जीपीयू, तकनीकी चीजों और डिजिटल कारोबार में भारत और अमेरिका सहयोग बढ़ाएंगे। फ्रेमवर्क के अहम बिंदुओं के तहत सप्लाई चेन को मजबूत कर किसी तीसरे देश की नीतियों से भारत और अमेरिका अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते के तहत अगले पांच साल में भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर कीमत के ऊर्जा, विमान, धातु, तकनीकी और कोयला खरीदेगा।
