April 16, 2026

Hind foucs news

hindi new update

आज देशभर में ओला, ऊबर और रैपिडो ड्राइवरों की हड़ताल, जानिए क्या मांगें रखीं?

नई दिल्ली। आज हजारों लोगों को दिक्कत होने वाली है। ओला, ऊबर और रैपिडो कैब और बाइक सर्विस के ड्राइवर आज देशभर में हड़ताल पर हैं। इसे ऑल इंडिया ब्रेकडाउन का नाम दिया गया है। इस दौरान ओला, ऊबर और रैपिडो के ड्राइवर बुकिंग वाला एप बंद रखेंगे। इससे लोगों को कहीं आने-जाने में घोर दिक्कतों का सामना करना होगा। ओला, ऊबर और रैपिडो के ड्राइवरों की हड़ताल का एलान तेलंगाना गिग वर्कर्स यूनियन के साथ ही इनके दूसरे संगठनों ने किया है। इन संगठनों का कहना है कि ओला, ऊबर और रैपिडो के ड्राइवरों का कोई तय किराया, नियम वगैरा नहीं हैं। उनके शोषण का आरोप संगठनों ने लगाया है।

गिग वर्कर्स यूनियन और अन्य संगठनों ने ओला, ऊबर और रैपिडो ड्राइवरों की परेशानी के बारे में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने मांग की है कि ओला, ऊबर, रैपिडो के टैक्सी, ऑटो और बाइक ड्राइवरों के लिए न्यूनतम किराया तय हो। जिसे ड्राइवरों से बातचीत के बाद लिया जाए। इसके अलावा गडकरी को लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि प्राइवेट नंबर प्लेट वाली गाड़ियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही उनकी मांग है कि ओला, ऊबर और रैपिडो जैसी कंपनियों पर सरकार नजर रखे। ताकि ड्राइवरों का शोषण बंद हो। केंद्रीय परिवहन मंत्री को लिखी चिट्ठी में ये भी कहा गया है कि सरकार ने ओला, ऊबर और रैपिडो के लिए कोई किराया तय नहीं किया है। इस वजह से ये कंपनियां हर ट्रिप पर अपनी मर्जी से पैसे काटती हैं। जिसकी वजह से ड्राइवरों की कमाई का भरोसा नहीं है और उनको घर चलाना मुश्किल हो गया है।

ओला, ऊबर और रैपिडो में हजारों गाड़ियां जुड़ी हैं। इनमें सवारी करने वालों से कंपनी जो रकम लेती है, उसका एक हिस्सा काटकर बाकी ड्राइवरों को दिया जाता है। ड्राइवरों का आरोप है कि ओला, ऊबर और रैपिडो किराए का बड़ा हिस्सा काटती हैं। जिससे उनको कम रकम मिलती है। खास बात ये है कि ओला, ऊबर और रैपिडो के ड्राइवरों ने भारत टैक्सी शुरू होने के बाद ये हड़ताल की है। भारत टैक्सी का संचालन अभी दिल्ली समेत कुछ शहरों में किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने सहकारी आधार पर ये सर्विस शुरू की है। जिसमें ड्राइवरों को ट्रिप का पूरा किराया मिलेगा। बदले में उनको महीने या सालाना तौर पर कुछ रकम भारत टैक्सी सहकारी संस्था को देनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *