February 14, 2026

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अमेरिका की संसद के निचले सदन से ट्रंप को झटका, कनाडा पर लगे टैरिफ के खिलाफ प्रस्ताव पास; रिपब्लिकन पार्टी के छह सांसदों ने भी दिया साथ

वॉशिंगटन। अमेरिका की संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जोर का झटका लगा है। कनाडा पर ट्रंप ने 35 फीसदी टैरिफ लगाया था। इसे बढ़ाकर 100 फीसदी करने की धमकी भी ट्रंप ने दी थी। अब अमेरिका की संसद के निचले सदन ने कनाडा से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। कनाडा पर टैरिफ रद्द करने संबंधी प्रस्ताव विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद लाए थे। जिसे 211 के मुकाबले 219 वोट से मंजूरी मिल गई। खास बात ये कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के छह सांसदों ने भी प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया।

अगर ये प्रस्ताव अमेरिका की संसद के उच्च सदन सीनेट में भी पास हो जाता है, तो ट्रंप के पास सिर्फ वीटो करने का ही रास्ता बचेगा। अमेरिका की संसद के निचले सदन में कनाडा पर लगे टैरिफ के खिलाफ प्रस्ताव आने से पहले ट्रंप ने अपनी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों को सीधी धमकी दी थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा था कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) या सीनेट में जो कोई रिपब्लिकन सांसद टैरिफ के खिलाफ वोट देगा, उसे चुनाव के वक्त गंभीर नतीजा भुगतना होगा। अमेरिका में आने वाले दिनों में मध्यावर्ती चुनाव होने हैं। ट्रंप ने ये भी लिखा था कि टैरिफ ने अमेरिका को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दी है। किसी भी रिपब्लिकन सांसद को इस खास अधिकार को खत्म करने में जिम्मेदार नहीं होना चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका से व्यापार समझौता न करने वाले देशों पर अप्रैल 2025 में टैरिफ लगाने का एलान किया था। अमेरिका के पड़ोसी देशों कनाडा और मेक्सिको पर ट्रंप ने अवैध घुसपैठ और फेंटेनिल नाम के ड्रग की तस्करी न रोक पाने का आरोप लगाकर अच्छा-खासा टैरिफ लगाया था। बीते दिनों जब ग्रीनलैंड के मुद्दे पर कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने डेनमार्क का साथ देने का एलान किया, तो ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ बढ़ाकर 100 फीसदी करने की धमकी दी थी। अन्य देशों पर ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में भी केस दाखिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर तीन बार तारीख तय करने के बावजूद फैसला नहीं सुनाया। अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक बताता है, तो अमेरिका की सरकार को सभी देशों से वसूला गया टैरिफ वापस करना होगा।

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