पाकिस्तान को भारत देने जा रहा एक और झटका, शाहपुर कंडी बांध से रावी नदी का पानी रोकने की तैयारी
कठुआ। पाकिस्तान के लिए भारत एक और मुश्किल खड़ी करने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सीमा पर भारत रावी नदी पर शाहपुर कंडी बांध पूरा करने वाला है। मार्च के अंत तक शाहपुर कंडी बांध पूरा हो जाएगा। इससे रावी नदी का पानी पाकिस्तान में बहने की जगह जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों में 32 हजार और पंजाब के 5 हजार हेक्टेयर इलाके में सिंचाई हो सकेगी। अब तक बांध न होने के कारण रावी नदी का पानी पाकिस्तान चला जाता था। जबकि, सिंधु जल समझौते के तहत पूर्वी नदियों सतलुज, रावी और ब्यास के पानी पर भारत का ही पूरा अधिकार है। ऐसे में अब पाकिस्तान को भारत से मुफ्त पानी नहीं मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को कहा कि शाहपुर कंडी बांध बन जाने के बाद कठुआ और सांबा इलाकों में पानी की समस्या दूर होगी। रावी पर बांध न होने के कारण जम्मू-कश्मीर के इन दोनों ही जिलों में सिंचाई के लिए पानी की कमी रहती आई है। रावी नदी पर शाहपुर कंडी बांध बनाने का फैसला साल 2001 में हुआ था, लेकिन जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बीच विवाद के कारण साल 2018 तक काम रुका रहा। पीएम नरेंद्र मोदी ने विवाद खत्म कराया और शाहपुर कंडी बांध बनाने का काम शुरू हुआ। भारत इसके साथ ही पश्चिम की नदियों सिंधु, चिनाब और झेलम के पानी को भी अपने लिए और बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश भी कर रहा है। बीते दिनों ही चिनाब नदी पर बांध के लिए टेंडर जारी किया गया है।
बीते साल अप्रैल में पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी घूमने गए 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या की थी। जिसके जवाब में मोदी सरकार ने पाकिस्तान से 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था। इसके साथ ही मोदी सरकार ने ये भी तय किया कि अब जम्मू-कश्मीर की नदियों पर बांध निर्माण में तेजी लाई जाएगी। पाकिस्तान लगातार ये गीदड़भभकी देता रहा है कि उसके हिस्से का पानी बंद करने को युद्ध माना जाएगा, लेकिन उसे भी ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दिखा दिया है कि उसकी धमकियां सिर्फ कोरी हैं। पाकिस्तान सिंधु जल समझौते का मसला अंतरराष्ट्रीय अदालत में भी ले गया है, लेकिन भारत ने उसका कोई फैसला मानने से इनकार कर दिया है।
