बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस ने फिर भारत के खिलाफ जहरीली सोच दिखाई
ढाका। बांग्लादेश में आज बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान पीएम पद की शपथ लेने वाले हैं। इससे पहले सोमवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस ने मुख्य सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया। पद से इस्तीफा देने से पहले मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की जनता के नाम संबोधन दिया। अपने इस संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने भारत के खिलाफ अपनी जहरीली सोच एक बार फिर उजागर की। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया के तौर पर अपने अंतिम संबोधन में भारत का नाम न लेते हुए उसके पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र किया।
बांग्लादेश की जनता के नाम अपने संबोधन में यूनुस ने भारत के पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान का नाम लिया। वहीं, भारत का नाम न लेते हुए समुद्री इलाके को बांग्लादेश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि हमारा खुला समुद्र सिर्फ भौगोलिक सीमा नहीं। ये विश्व की अर्थव्यवस्था का प्रवेश द्वार है। इसके बाद यूनुस ने कहा कि नेपाल, भूटान और सेवेन सिस्टर्स (भारत के पूर्वोत्तर राज्यों) के साथ आर्थिक सहयोग के बड़े अवसर हैं। बांग्लादेश की जनता के नाम संदेश में मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश के बंदरगाहों का उदाहरण दिया और कहा कि अगर हम इनकी दक्षता नहीं बढ़ा पाते, तो आर्थिक उपलब्धियों में पिछड़ जाएंगे।
मोहम्मद यूनुस ने भारत का नाम न लेते हुए जहर उगलना जारी रखा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अब किसी के आगे झुकने वाली या दूसरे देशों के निर्देश और सलाह पर चलने वाली विदेश नीति नहीं अपनाएगा। यूनुस ने कहा कि अब रिश्ते सिर्फ आपसी सम्मान और राष्ट्रीय हित पर आधारित होंगे। बांग्लादेश की जनता से उन्होंने कहा कि आज का हमारा मुल्क अपने आजाद हितों की रक्षा करने में पूरी तरह आत्मविश्वास से भरा और सक्रिय है। यूनुस ने पहली बार भारत के खिलाफ बयान नहीं दिया है। जब अप्रैल 2025 में मोहम्मद यूनुस चीन की यात्रा पर गए थे, तब उन्होंने कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर इलाकों के पास समुद्र तक पहुंचने का रास्ता नहीं है। इस इलाके में बांग्लादेश ही समुद्र का संरक्षक है। बता दें कि यूनुस के दौर में ही बांग्लादेश में भारत के पूर्वोत्तर इलाके को काटने जैसी धमकियां तमाम नेताओं और पूर्व सेनाधिकारियों ने दी। इससे पहले कभी बांग्लादेश से इस तरह के बयान सुनने या देखने को नहीं मिले थे।
