इजाजत के बिना भारत नहीं छोड़ूंगा, अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित में दिया हलफनामा
नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है जिसमें उन्होंने लिखित में दिया है कि वो बिना इजाजत भारत छोड़कर नहीं जाएंगे। रिलायंस अनिल धीरभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की कंपनियों से जुड़े 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में चल रही सीबीआई और ईडी की जांच में पूरी तरह से सहयोग देने का भी उन्होंने कोर्ट से वादा किया है। इससे पहले उनके वकील मुकुल रोहतगी ने 4 फरवरी को कोर्ट में मौखिक रूप से कहा था कि उनके मुवक्किल देश से बाहर नहीं जाएंगे।
अनिल अंबानी की ओर से दायर हलफनामे में यह भी बताया गया है कि जुलाई 2025 में इस मामले की जांच शुरू होने के बाद से उन्होंने देश नहीं छोड़ा है और आगे भी उनका भारत से बाहर जाने का कोई इरादा नहीं है। अगर किसी कारणवश उनको विदेश जाने की जरूरत हुई तो उसके लिए वो परमीशन लेंगे। यह पूरा मामला पूर्व ब्यूरोक्रेट ईएएस सरमा की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा हुआ है। इस याचिका में यह मांग की गई है कि एडीएजी कंपनियों द्वारा 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लोन डिफॉल्ट की जांच कोर्ट की निगरानी में की जाए।
याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण और प्रणव सचदेवा ने दलील देते हुए कहा कि इस केस में सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर में सिर्फ 2,929 करोड़ रुपये के नुकसान का जिक्र है, जो कि असल घोटाले का एक बहुत छोटा हिस्सा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जनता की गाढ़ी कमाई का गलत तरीके से अपने फायदे के लिए रिलायंस ग्रुप ने इस्तेमाल किया। ईडी ने अब तक की जांच में यह पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) कंपनियों में बैंक से मिले फंड्स का गलत इस्तेमाल किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं।
