अनिल अंबानी को अब बॉम्बे हाईकोर्ट से लगा झटका, डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के आदेश को किया खारिज
नई दिल्ली। 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में घिरे उद्योगपति अनिल अंबानी को बॉम्बे हाईकोर्ट से से तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अनखड़ की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें बैंकों के द्वारा उनपर एक्शन लिए जाने पर रोक लगाई गई थी। अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े खातों को बैंक ने फ्रॉड घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। जिसके बाद अनिल अंबानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो 24 दिसंबर 2025 को जस्टिस मिलिंद जाधव की बेंच ने अंतरिम राहत दे दी थी।
बैंक ऑफ बड़ौदा, IDBI बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिट फर्म BDO इंडिया एलएलपी की ओर से हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की गई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को गलत और त्रुटिपूर्ण करार देते हुए उसे रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद अब अनिल अंबानी और उनके कंपनी से जुड़े लोन खातों को बैंकों के द्वारा ‘फ्रॉड’ घोषित करने की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर अनिल अंबानी और उनकी कंपनी के कुछ खातों को ‘फ्रॉड’ कैटेगरी में डाल दिया था। अनिल अंबानी ने इस कार्रवाई यह कहते हुए चुनौती दी थी बैंक ने सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांतों का पालन नहीं किया। गौरतलब है कि अभी पिछले हफ्ते ही अनिल अंबानी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा जमा कराया गया है जिसमें उन्होंने यह शीर्ष अदालत को विश्वास दिलाया है कि वो बिना इजाजत के भारत से बाहर नहीं जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने लोन घोटाला मामले में चल रही ईडी और सीबीआई की जांच में पूरी तरह से सहयोग करने का भी वादा किया है।
