वक्फ संपत्तियों के बारे में आई बड़ी जानकारी, वेरिफिकेशन के बाद इतनी हुईं रिजेक्ट
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने 2025 में वक्फ संशोधन एक्ट संसद से पास कराकर लागू किया था। जिसके बाद मोदी सरकार ने UMEED पोर्टल बनाकर सभी वक्फ संपत्तियों को इसमें दर्ज करने का आदेश दिया था। अब मोदी सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बताया है कि 2 मार्च 2026 तक उम्मीद पोर्टल पर कितनी वक्फ संपत्तियां दर्ज की गई हैं। मंत्रालय के मुताबिक पोर्टल पर 2 मार्च तक 629527 वक्फ प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी दी गई। जिनमें से 287695 को अप्रूवल दिया गया है। मंत्रालय ने ये जानकारी भी दी है कि वेरिफिकेशन के बाद पोर्टल पर दर्ज 38083 वक्फ संपत्तियों को अब तक रिजेक्ट किया गया है।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बताया है कि राज्यों में स्थित वक्फ बोर्ड प्रॉपर्टी को दर्ज करने में मजबूत समर्थन भी दे रहे हैं। वे वक्फ संशोधन एक्ट के प्रावधानों को जोश और प्रतिबद्धता से लागू कर रहे हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बताया है कि वक्फ संशोधन एक्ट के तहत प्रॉपर्टीज की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 6 जून 2025 को UMEED सेंट्रल पोर्टल को लॉन्च किया गया था। इसमें वक्फ प्रॉपर्टीज की जानकारी दर्ज करने के लिए 6 महीने का वक्त दिया गया था। ये वक्त 6 दिसंबर 2025 को खत्म हो गया। मंत्रालय ने साथ ही बताया है कि जो वक्फ संपत्तियां 6 महीने में पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा सकीं, उनके लिए एक्ट में उपाय है कि वक्फ ट्रिब्यूनल सैटिस्फाई होने पर और 6 महीनों का एक्सटेंशन दे सकता है। जो 17 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के वक्फ बोर्डों को मिला।
बता दें कि वक्फ संशोधन एक्ट 2025 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ही केंद्र सरकार ने UMEED सेंट्रल पोर्टल लॉन्च कर उसमें वक्फ संपत्तियों की जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन एक्ट पर सुनवाई कर अंतरिम आदेश जारी किया था। अंतरिम आदेश में कहा गया था कि वक्फ संशोधन एक्ट 2025 असंवैधानिक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम फैसले में वक्फ संशोधन एक्ट के दो प्रावधानों पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट को वक्फ संशोधन एक्ट 2025 पर पूरा फैसला सुनाना है। माना जा रहा है कि इस साल वक्फ संशोधन एक्ट 2025 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाएगा।
