पहली बार संभल में 68 तीर्थों पर मनाई जाएगी होली, शहर में निकलेंगे 64 जुलूस; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
संभल। होली पर्व पर यूपी के संभल में ऐसा कुछ होने जा रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। संभल में पहली बार 68 तीर्थों पर होली मनाने का कार्यक्रम तय हुआ है। संभल में हिंसा के बाद प्रशासन ने गली-कूचो में इन तीर्थों को तलाशकर उनको ठीक-ठाक कराया था। संभल में होली के मौके पर पहली बार 64 जुलूस भी निकलेंगे। ये जुलूस सभी तीर्थों तक जाएंगे। तय ये हुआ है कि संभल में इस बार कई दिनों तक होली उत्सव मनाया जाएगा। होली के मौके पर संभल में सुरक्षा बहुत कड़ी की गई है। बड़ी तादाद में पुलिस तैनात की गई है। साथ ही शहर में 250 सीसीटीवी कैमरों से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
संभल में होली के रंग से बचान के लिए विवाद का केंद्र बनी शाही जामा मस्जिद समेत 10 मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया है। 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद का कोर्ट कमिश्नर सर्वे हो रहा था। उसी दौरान वहां हिंसा भड़की थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर जमकर पथराव और आगजनी की थी। इसके अलावा उपद्रवियों की फायरिंग से चार लोगों की जान भी गई थी। इस घटना के बाद ही यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सख्ती बरती और संभल के उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की थी। संभल में विवादित शाही जामा मस्जिद के सामने पहली बार थाना भी बनाया गया है।
संभल के बारे में मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि का जन्म होगा। हिंदू समुदाय का दावा है कि संभल में जहां शाही जामा मस्जिद है, वहां पहले भगवान कल्कि का मंदिर हुआ करता था। जिसे मुगल बादशाह बाबर के दौर में गिराकर मस्जिद बनाई गई। संभल की मस्जिद का कोर्ट कमिश्नर सर्वे हो चुका है। फिलहाल संभल की शाही जामा मस्जिद का मसला कोर्ट के विचाराधीन है। अब यहां होली पर्व को बड़े पैमाने पर मनाने से शहर की छवि भी बदलेगी। एक वक्त संभल में हिंदू समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा थी। कई बार दंगे होने के बाद संभल की डेमोग्राफी में बदलाव आया।
