सिर्फ सैन्य संघर्ष से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता, पश्चिमी एशिया और यूक्रेन के हालात पर बोले पीएम नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने दिल्ली में आज द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त स्टेटमेंट दिया। मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। हम इस बात पर एकमत हैं कि किसी भी मुद्दे का समाधान केवल सैन्य संघर्षों से नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या पश्चिमी एशिया हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे। हम इस बात से भी सहमत हैं कि बढ़ती हुई वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक ही नहीं बल्कि अत्यंत महत्वपूर्ण भी है। आतंकवाद के हर रूप को जड़ से समाप्त करना हमारी साझी प्रतिबद्धता है।
मोदी बोले, आज विश्व अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक, दुनिया के कई क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे वैश्विक परिवेश में भारत और यूरोप, दुनिया की दो प्रमुख कूटनीतिक शक्तियां अपने संबंधों के स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रही हैं। हमारा बढ़ता सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती दे रहा है।
वहीं फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा, दुनिया बदल रही है, हम ग्लोबल ऑर्डर में बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं और भारत ग्लोबल साउथ में अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह तय करेगा कि यह ऑर्डर किस दिशा में जाएगा। आज हमने इस इलाके में सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। वेस्ट एशिया में सैन्य संघर्ष जारी है और यूक्रेन में भी टकराव की स्थिति है। हम इस बात पर सहमत हुए कि युद्ध खत्म करना सभी के हित में है। एक स्थायी शांति तभी हो सकती है जब यूनाइटेड नेशंस के सिद्धांतों का सम्मान किया जाए।
