March 10, 2026

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ट्रंप की हत्या कराने की ईरान ने दी थी सुपारी!, गिरफ्तार पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट का कोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

ब्रुकलिन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों दावा किया था कि ईरान की सरकार ने उनकी तीन बार हत्या कराने की कोशिश की। अब पाकिस्तान के एक शख्स ने बुधवार को अमेरिका के ब्रुकलिन स्थित कोर्ट में खुलासा किया कि ईरान के जासूसों ने उसे ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और साउथ कैरोलिना की गवर्नर निक्की हेली की हत्या कराने की सुपारी दी थी। ट्रंप की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हुए पाकिस्तान के व्यक्ति का नाम आसिफ रजा मर्चेंट है। 47 साल के आसिफ रजा मर्चेंट ने कोर्ट में बताया कि ईरान में रहने वाले उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। जिसकी वजह से वो ट्रंप और बाइडेन की हत्या की साजिश में शामिल हुआ।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी आसिफ रजा मर्चेंट ने कहा कि मेरे पास ट्रंप और बाइडेन की हत्या की साजिश में शामिल होने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। कोर्ट में आसिफ रजा मर्चेंट ने कहा कि उसे साफ तौर पर नहीं बताया गया कि कौन हैं, लेकिन उसने ट्रंप, जो बाइडेन और साउथ कैरोलिना की गवर्नर निक्की हेली का नाम लिया। आसिफ मर्चेंट पर आरोप है कि उसने ट्रंप, बाइडेन और निक्की हेली की हत्या के लिए दो लोगों को 5000 डॉलर दिए। ये दोनों ही अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई के अंडरकवर एजेंट थे और आसिफ रजा मर्चेंट को इनके बारे में पता नहीं था। पहले बैंकर और फिर केले के व्यापारी के तौर पर काम करने वाले पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट ने ब्रुकलिन कोर्ट में कहा कि अप्रैल 2024 में ईरान के जासूस ने उसे अमेरिका जाने और हत्या करने के लिए कहा था।

ट्रंप, बाइडेन और निक्की हेली की हत्या की साजिश रचने में गिरफ्तार पाकिस्तान के आसिफ रजा मर्चेंट ने कोर्ट में ये भी कहा कि ईरानी जासूस उसके घर पर पहुंचा और वहां हथियार भी दिखाया। आसिफ मर्चेंट को एफबीआई ने अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया था। एफबीआई ने गुप्त कैमरों से जून 2024 में क्वींस के एक होटल में आसिफ रजा मर्चेंट को बैठक के दौरान ट्रंप की हत्या की साजिश रचते हुए रिकॉर्ड किया था। आसिफ ने उस वक्त कहा था कि ईरान के जासूस हैंडलर ने उसे हत्या के साथ अज्ञात दस्तावेजों की चोरी का भी आदेश दिया गया था। ईरान के इस हैंडलर का नाम मेहरदाद यूसुफ है। बताया जा रहा है कि वो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का सदस्य है।

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