लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष को मिलेगा टीएमसी का साथ
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस वोट करेगी। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के आधार पर ऐसा बताया गया है कि टीएमसी ने इस मुद्दे पर विपक्ष का साथ देने का मन बना लिया है। इससे पूर्व जब बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के 118 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था तब उस वक्त टीएमसी ने इससे किनारा कर लिया था। तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर साइन नहीं किए थे।
उस वक्त टीएमसी ने कहा था कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ सीधे अविश्वास प्रस्ताव नोटिस देने की जगह उनको पत्र लिखकर तीन दिनों का समय देना चाहिए, मगर अब टीएमसी ने अपना रुख बदल दिया है। भले ही कांग्रेस को इस मुद्दे पर अब टीएमसी का भी साथ मिल गया हो मगर संख्या बल के आधार पर सदन में सत्तापक्ष की स्थिति मजबूत है इसके चलते ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव नोटिस के गिरने की संभावना है। 9 मार्च से संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। सत्र के पहले या दूसरे दिन ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर सदन में चर्चा हो सकती है। इसके लिए बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 9 और 10 मार्च को लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने का व्हिप जारी किया है।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, सिर्फ राहुल बाबा (गांधी) के हठ की वजह से लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बाधित हो रही है। मुट्ठीभर कांग्रेस सांसद बचे हैं और वो लोकसभा और राज्यसभा को ब्लैकमेल करना चाहते हैं यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल बाबा ने जब एक सैन्य अधिकारी की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए सेना के ऑपरेशनल डिटेल्स पर बात करनी चाही तो ओम बिरला ने उनको रोक दिया जो बिलकुल उचित था तो इसके लिए विपक्ष हंगामा क्यों मचा रहा है। जब देश के विरुद्ध संसद में बात करेंगे तो लोकसभा अध्यक्ष रोकेंगे ही। अविश्वास प्रस्ताव से कोई खतरा नहीं है।
