मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए किया जा रहा हर संभव प्रयास, राज्यसभा में बोले विदेश मंत्री जयशंकर
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट के देशों में फैली अशांति को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज राज्यसभा में कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद खाड़ी देशों के प्रमुख नेताओं से बात की है। चूंकि हम पड़ोसी इलाके में आते हैं इसलिए वहां के हालात हमारे लिए चिंता का विषय हैं। प्रधानमंत्री मोदी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि इस पूरी अवधि के दौरान, सरकार ने संबंधित देशों के साथ संपर्क बनाए रखा है। मैं भी इन देशों में अपने समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में रहा हूं। ईरान के नेतृत्व स्तर सहित कई लोगों की जान गई है, साथ ही इस इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह हुआ है। संघर्ष लगातार तीव्र होता जा रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी बिगड़ गई है। हमने गौर किया है कि वास्तव में, यह संघर्ष अन्य देशों में भी फैल गया है, जिससे तबाही और मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। प्रभावी प्रतिक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित मंत्रालय समन्वय कर रहे हैं।
भारतीय विदेश मंत्री ने बताया, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से 28 फरवरी और 5 मार्च को मेरी हुई। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनके तीन जहाज हिंद महासागर में थे। उन्होंने अपने एक जहाज को भारत के बंदरगाह पर आने की इजाजत मांगी। ईरान के निवेदन पर हमने कोच्चि में उनके एक जहाज को शरण दी। इसके लिए ईरान ने भारत सरकार का आभार भी जताया है। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हम सतर्क हैं और आपूर्ति के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।
