निशांत कुमार ने ज्वॉइन की जेडीयू, पिता नीतीश कुमार कार्यक्रम में नहीं हुए शामिल
पटना। बिहार के सीएम और जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आखिरकार रविवार को सियासत के अखाड़े में उतर पड़े। पटना में जेडीयू के दफ्तर में निशांत कुमार ने पार्टी की सदस्यता ली। निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने के मौके पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री व नीतीश के करीबी ललन सिंह समेत वरिष्ठ नेता मौजूद थे। निशांत के पिता नीतीश इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। निशांत के जेडीयू ज्वॉइन करने पर पार्टी ने ‘युवा सोच, मजबूत संकल्प’ का नारा दिया है। निशांत कुमार ने इससे पहले शनिवार को संजय झा के आवास पर पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ मुलाकात की थी। हालांकि, इस बैठक में जेडीयू कोटे से सिर्फ एक ही मंत्री श्रवण कुमार पहुंचे थे।
निशांत कुमार के बारे में उनके पिता नीतीश के करीबी हरिनारायण सिंह ने बड़ा दावा किया है। हरिनारायण सिंह का दावा है कि अप्रैल में बिहार विधान परिषद की खाली सीट से निशांत कुमार को चुनाव जिताया जाएगा। जिसके बाद निशांत कुमार को बिहार सरकार में डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। वहीं, इससे पहले खबर आई थी कि जेडीयू ज्वॉइन करने के बाद निशांत कुमार पूरे बिहार के दौरे पर निकलेंगे। निशांत कुमार अब तक सियासत से दूर रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के लोगों से निशांत ने अपने पिता नीतीश कुमार की फिर से सरकार बनाने की अपील की थी।
बीते दिनों नीतीश कुमार के 75वें जन्मदिन पर निशांत कुमार उनके साथ दिखे थे। पिता-पुत्र ने एक-दूसरे को केक खिलाया था। निशांत कुमार के सियासत में आने के बावजूद ये माना जा रहा है कि फिलहाल नीतीश कुमार जेडीयू पर अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने देंगे। इसका संकेत उस वक्त मिला था, जब नीतीश कुमार ने बीते गुरुवार को राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल करने से पहले एक्स पर पोस्ट कर बिहार के लोगों को भरोसा दिया था कि राज्य में विकास के काम करवाना वो जारी रखेंगे। बहरहाल, जेडीयू से जुड़े तमाम लोग ये नहीं चाहते कि बिहार छोड़कर नीतीश केंद्र की राजनीति में जाएं। वहीं, निशांत कुमार के सियासत में आने पर जेडीयू में खुशी भी है। बिहार में लंबे वक्त से जेडीयू के नेता निशांत को राजनीति में लाने की मांग नीतीश कुमार से करते रहे हैं।
