राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी सोनम को मिली जमानत, कोर्ट ने पुलिस की इन गलतियों पर उठाई अंगुली
शिलांग। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में उनकी पत्नी सोनम को मेघालय के शिलांग स्थित कोर्ट ने जमानत दे दी। सोनम रघुवंशी 11 महीने से जेल में थी। कोर्ट ने शिलांग न छोड़ने समेत कई शर्तों पर राजा रघुवंशी की पत्नी को जमानत दी है। साथ ही अहम बात ये है कि कोर्ट ने सोनम को जमानत क्यों दी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें एक ऐसी धारा लगाई गई है, जो बीएनएस में है ही नहीं। साथ ही सोनम को गिरफ्तार करने के वक्त जो दस्तावेज दिखाए गए, उनमें एक धारा का जिक्र नहीं था।
कोर्ट ने कहा कि सोनम रघुवंशी को बिना ठोस कारण बताए गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को पूरी तरह समझाना जरूरी होता है कि किन धाराओं के तहत उसे गिरफ्तार किया जा रहा है। राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम की गिरफ्तारी के बारे में शिलांग के कोर्ट ने कहा कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। पुलिस की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि चार्जशीट में जिस धारा के बारे में कहा गया है और वो बीएनएस में मौजूद नहीं वह क्लेरिकल मिस्टेक है। कोर्ट ने पुलिस की ये दलील मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने ये भी कहा कि जब सोनम को गिरफ्तारी के बाद यूपी के गाजीपुर जिले स्थित कोर्ट में पेश किया गया, तब उसके पास वकील नहीं था। वकील होता, तो वो कोर्ट के सामने ये बात कह सकता था।
राजा रघुवंशी और सोनम की 11 मई 2025 को इंदौर में शादी हुई थी। जिसके बाद 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। दोनों शिलांग पहुंचे और किराए की स्कूटी लेकर चेरापूंजी गए। फिर 23 मई को सोनम और राजा रघुवंशी ट्रेकिंग के लिए गए। आरोप है कि उसी तारीख को विशाल, आनंद और आकाश ने राजा की हत्या की और शव खाई में फेंक दिया। आरोप है कि सोनम वहां से फरार हो गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर पहुंची। उसने पहले खुद को अगवा किए जाने की कहानी बताई। फिर कड़ी पूछताछ हुई, तो बताया कि प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर उसने राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में मेघालय पुलिस ने 5 सितंबर 2025 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
