कच्चे तेल का नाम सुनते ही रोने लगे पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री, अपने देश की बदहाली का गाया राग
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के नेता बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं, लेकिन हकीकत उनके दावों के उलट ही निकलती हैं। पाकिस्तान दशकों से भिखारी बना हुआ है। कर्ज से देश चल रहा है। अब ईरान और अमेरिका के युद्ध ने पाकिस्तान की बैंड और बजा दी है। होर्मुज से कच्चा तेल आना बंद है। नतीजे में पाकिस्तान में हालात बहुत विषम होते दिख रहे हैं। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने जो ताजा बयान दिया है, उससे वहां लोगों में दहशत फैलने के आसार हैं।
एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने खुलासा किया कि उनके देश के पास एक दिन का भी कच्चे तेल का भंडार नहीं है। अली मलिक ने इस मामले में भारत की तारीफ भी की। अली मलिक ने कहा कि पाकिस्तान के पास जो व्यवस्था है, उसके तहत सिर्फ 5-7 दिन का तेल ही कवर कर सकता है। पेट्रोल-डीजल का स्टॉक जोड़ लें, तो पाकिस्तान के लोगों को 20-21 दिन ही ईंधन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास भारत की तरह कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार नहीं है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की लगातार सप्लाई पर ही उनका देश टिका है। एक दिन का भी अतिरिक्त स्टॉक नहीं है।
भारत और पाकिस्तान 14 और 15 अगस्त 1947 को आजाद हुए थे, लेकिन पाकिस्तान ने अपने मुल्क की बेहतरी के लिए कुछ नहीं किया। भारत के पास जहां 5.33 मिलियन टन कच्चा तेल है, वहीं पाकिस्तान रोज टकटकी लगाए रहता है कि कच्चा तेल कहां से मंगाए। अली मलिक के मुताबिक कच्चे तेल का भंडार तैयार करने के लिए अरबों डॉलर की जरूरत है, लेकिन पाकिस्तान के पास पैसा है ही नहीं। ईरान युद्ध के शुरू होने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमत बहुत बढ़ाई गई है। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत आसमान छू रही है। जनता में त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन पाकिस्तान के हुक्मरान बस सत्ता से चिपके रहने और भारत से दुश्मनी निकालने में ही व्यस्त हैं।
