पंजाब सीएम भगवंत मान और अन्य विधायकों का एल्कोहल और डोप टेस्ट कराने की विधानसभा में उठी मांग
नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और सभी विधायकों की अनिवार्य रूप से एल्को-मीटर और डोप टेस्ट कराने की मांग की है। दरअसल कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान शराब पीकर नशे की हालत में विधानसभा आए। इसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने पीजीआईएमईआर की मेडिकल टीम से जांच कराने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि जब तक मुख्यमंत्री खुद को निर्दोष साबित नहीं कर देते, कांग्रेस विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने विधानसभ अध्यक्ष से कहा कि सभी विधायक यहां मौजूद हैं किसी को बाहर जाने न दिया जाए और सबका एल्को-मीटर टेस्ट हो।
दरअसल आज पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया जिसमें माहौल तब गर्म हो गया जब नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सीएम समेत सभी विधायकों का एल्कोमीटर टेस्ट कराने की मांग उठा दी। नेता प्रतिपक्ष की इस मांग पर सदन में आम आदमी पार्टी के विधायक हंगामा करने लगे। इस दौरान कांग्रेस और आप विधायकों के बीच तीखी नोक झोंक भी देखने को मिली। बाद में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। इतना ही नहीं कांग्रेस विधायकों ने शराबी मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। उधर, आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में बीजेपी में शामिल हुईं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अपने एक्स अकाउंट पर भगवंत मान का विधानसभा के अंदर का वीडियो पोस्ट किया है।
स्वाति ने पोस्ट में लिखा, आज फिर से पंजाब सीएम भगवंत मान लोकतंत्र के मंदिर पंजाब विधानसभा में शराब के नशे में चूर होकर पहुंचे हैं। ये आदमी गुरुद्वारा साहिब शराब पीकर जाता है, मंदिर शराब पीकर जाता है, लोकसभा शराब पीकर आता था, सरकार की मीटिंग में शराब पीकर जाता है, विदेश में इतनी शराब पीली की प्लेन से उतार दिया गया। चुनाव से पहले इन्होंने अपनी मां के सर पर हाथ रखकर बोला था कि मैं अब कभी शराब नहीं पियूंगा पंजाब जैसे सेंसिटिव बॉर्डर स्टेट का सीएम हर वक्त नशे में रहता है, नशे में फाइल साइन करता है। क्या बेशर्मी है। जो आदमी शराब से सिर्फ नींद के वक्त दूर होता हो वो कैसे पंजाब चला सकता है? सीएम मान का एल्कोहल टेस्ट होना चाहिए और दोषी पाए जाने पर इन्हें सीएम पद से बर्खास्त करना चाहिए।
