June 17, 2026

Hind foucs news

hindi new update

समझौते के लिए ईरान ने रखीं ये शर्तें, विदेश मंत्री अराघची बोले- अमेरिका पर भरोसा नहीं

तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की संभावना दिख रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका से प्रस्तावित समझौते में उनके देश के परमाणु कार्यक्रम, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में छूट और होर्मुज समेत कई शर्तें शामिल की गई हैं। ईरान की सरकारी मीडिया आईआरआईबी के मुताबिक अराघची ने कहा कि अमेरिका से दो चरणों में समझौता होगा। परमाणु मसले को दूसरे दौर के लिए टाल दिया गया है। इस पर स्थिति स्पष्ट है कि अगर परमाणमु सामग्री को कम करने की प्रक्रिया होगी, तो वो ईरान के भीतर ही होगी।

उन्होंने कहा कि अगर समझौते के प्रावधानों का पालन न किया गया, तो अंतिम समझौते पर दस्तखत नहीं होंगे। ईरान ने समझौते के लिए पहली शर्त रखी है कि अमेरिका होर्मुज में ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी को खत्म करे। अराघची ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेना असंभव है, लेकिन सर्विस चार्ज लिया जाएगा। अराघची के मुताबिक होर्मुज अब भी ईरान और ओमान की संप्रभुता में आता है और इसका हाल पहले जैसा नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अराघची के मुताबिक अमेरिका को लिखकर देना होगा कि वो ईरान की संप्रभुता का सम्मान करता है। ईरान की सारी संपत्ति भी डिफ्रीज करनी होगी।

अराघची ने कहा कि लेबनान में हिजबुल्लाह को ईरान कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। ईरान ने समझौते के लिए ये शर्त भी रखी है कि लेबनान में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म होगा। ईरान के विदेश मंत्री के मुताबिक प्रारंभिक समझौते पर दस्तखत के बाद अमेरिका को 60 दिन में इसे लागू करना होगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल काउंसिल में इस समझौता मसौदे के समर्थक और विरोधी हैं, लेकिन सबकी मंजूरी से ही इस बारे में अंतिम फैसला होगा। सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका पर भरोसा नहीं है। अमेरिका के नेता वादा तोड़ते हैं। अराघची ने कहा कि ईरान की सुरक्षा के लिए सिर्फ उनका भरोसा ईश्वर, ईरानी जनता और सेना पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *