ईरान सरकार ने माना बातचीत के लिए अमेरिका से प्रस्ताव मिला, ट्रंप के दावे पर पहले किया था इनकार
तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान से बातचीत चल रही है। जिसकी वजह से अगले पांच दिन तक ईरान के किसी भी पावर प्लांट पर हमला नहीं होगा। ट्रंप के इस दावे को ईरान ने गलत बताया था। ईरान ने कहा था कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही और ट्रंप पीछे हट रहे हैं। अब ईरान ने कहा है कि उसे मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका से बातचीत का संदेश मिला है।
अमेरिका के सीबीएस न्यूज ने ईरान के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अफसर के हवाले से ये जानकारी दी है। ईरान के वरिष्ठ अफसर ने सीबीएस को बताया कि अमेरिका ने कुछ अहम प्रस्ताव भेजे हैं। जिन पर ईरान सरकार विचार कर रही है। ट्रंप ने ईरान से बातचीत के बारे में बताया था कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर अमेरिका की तरफ से बात कर रहे हैं। वहीं, ये खबर आई थी कि ईरान की ओर से मोहम्मद बगेर गलीबाफ बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं। मोहम्मद बगेर गलीबाफ ईरान की संसद के अध्यक्ष हैं। उनको ईरान के ताकतवर नेताओं में गिना जाता है। ईरान की संसद का अध्यक्ष बनने से पहले गलीबाफ आईआरजीसी के कमांडर और तेहरान के मेयर भी रह चुके हैं।
हालांकि, ईरान सरकार ने अभी ये नहीं बताया है कि अमेरिका की तरफ से कौन से प्रस्ताव भेजे गए हैं। वैसे माना जा रहा है कि अमेरिका ने अपने प्रस्तावों में परमाणु कार्यक्रम बंद करने की शर्त जरूर रखी होगी। ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतनयाहू लगातार ये कहते रहे हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने के लिए 400 किलोग्राम यूरेनियम-235 है। जो 60 फीसदी तक संवर्धित है।
ट्रंप और नेतनयाहू का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पूरी दुनिया को खतरा है। वहीं, ईरान लगातार ये कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम हथियार बनाने के लिए नहीं, शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और इसे वो नहीं छोड़ सकता। इसी वजह से ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनातनी और जंग जारी है। ईरान युद्ध को 25 दिन हो चुके हैं। उस पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने हमले शुरू किए थे।
