ईरान की जमीन पर सेना उतारेंगे ट्रंप?, खाड़ी देशों में अमेरिकी मरीन कमांडो और पैदल सैनिकों की संख्या बढ़ाकर 50000 की
वॉशिंगटन। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी पर चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप ये भी दावा कर रहे हैं कि ईरान से बातचीत चल रही है। वहीं, अमेरिका ने खाड़ी देशों में पैदल सैनिकों और कमांडो की संख्या बढ़ाई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक खाड़ी देशों में अमेरिका के सैनिकों की संख्या 50000 को पार कर चुकी है। इससे पहले खाड़ी देशों में 40000 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। अमेरिका ने बीते दिनों ही खाड़ी देशों में 2500 मरीन कमांडो और 2500 नौसैनिक भेजे हैं। इनके अलावा अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पैदल सैनिकों की संख्या भी बढ़ाई है।
अमेरिका के इन कदमों से ऐसी अटकलें लग रही हैं कि ट्रंप जल्दी ही खार्ग द्वीप पर कब्जे का आदेश दे सकते हैं। खार्ग द्वीप से ही ईरान अपने पेट्रोलियम उत्पादों का 90 फीसदी बेचता है। ईरान ने पहले ही कहा है कि अगर अमेरिका की सेना उसकी जमीन पर उतरी, तो दुश्मन के सैनिक ताबूतों में घर लौटेंगे और उनको नर्क का सामना करना होगा। वहीं, ट्रंप इस सवाल पर चुप्पी साधे हुए हैं कि क्या अमेरिका की सेना अब ईरान की जमीन पर उतरेगी? ट्रंप अगर खार्ग द्वीप पर सेना उतारने का फैसला करते हैं, तो ईरान से जारी जंग और भीषण रूप ले सकती है।
खार्ग द्वीप होर्मुज स्ट्रेट में है। यहां ईरान के सबसे ज्यादा कच्चे तेल के कुएं और उनको बैरल में भरने के प्लांट हैं। खार्ग द्वीप पर अगर अमेरिकी सेना कब्जा करने में सफल होती है, तो होर्मुज से होकर जहाजों का आना-जाना फिर सुरक्षित हो सकता है। अब तक अमेरिकी नौसेना होर्मुज में दाखिल नहीं हुई है। इसकी वजह ये है कि ईरान यहां जहाजों को आसानी से मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना सकता है। होर्मुज में ईरान के खतरे के कारण कच्चे तेल और एलपीजी के जहाज नहीं निकल रहे। भारत समेत पांच चुनिंदा देशों के जहाजों के होर्मुज पार करने को ईरान ने मंजूरी दे रखी है। हालांकि, इन देशों को जहाज निकालने से पहले ईरान की सेना को जानकारी देनी होती है। ईरान ने साफ कहा है कि वो अमेरिका, इजरायल और उनको समर्थन देने वाले देशों के जहाज होर्मुज से नहीं गुजरने देगा।
