July 8, 2026

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31 मार्च तक नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करने के लिए बड़ा ऑपरेशन जारी, 50000 जवानों को लगाया गया

नई दिल्ली। 31 मार्च 2026 आने में बस दो दिन बचे हैं। इस तारीख पर सबकी नजर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार ये एलान करते रहे हैं कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। अमर उजाला अखबार ने खबर दी है कि इस तारीख तक नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करने के लिए 50000 जवानों को लगाया गया है। ये जवान झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में छिपे 100 से 150 नक्सलियों को मिटाने के लिए आखिरी और बड़ा वार करने वाले हैं।

नक्सलियों को जड़-मूल से खत्म करने के लिए लगाए गए जवानों में सीआरपीएफ, कोबरा कमांडो और नक्सल प्रभावित राज्यों की पुलिस शामिल है। नक्सलियों के खात्मे के लिए सीआरपीएफ से ही कोबरा कमांडो तैयार किए गए थे। कोबरा कमांडो ने कई बड़े ऑपरेशन चलाकर हिडमा जैसे बड़े नक्सली नेताओं को मार गिराने में सफलता हासिल की। जंगलों में ऑपरेशन चलाने में कोबरा कमांडो का कोई जोड़ नहीं है। अखबार को सूत्रों ने बताया कि बड़े नेताओं के मारे जाने और सरेंडर के बावजूद अब भी नक्सली कई राज्यों में गतिविधियां कर रहे हैं। हालांकि, बड़े पैमाने पर हमला करने में ये सक्षम नहीं हैं। छिटपुट ग्रुप में बंटे नक्सली आईईडी वगैरा से जवानों को निशाना जरूर बना सकते हैं। अगले 48 घंटे में इन्हीं नक्सलियों को मिटाने की योजना है।

बीते एक साल में पापा राव समेत तमाम बड़े नक्सलियों ने सरेंडर किया है, लेकिन इनके दो बड़े नेता गणपति और मिशिर अब भी हाथ नहीं लग सके हैं। बीते दिनों खबर आई थी कि नक्सली नेता गणपति नेपाल भाग गया है। वहीं, झारखंड में मिशिर छिपा हुआ है। एक दौर था, जब आए दिन नक्सली हिंसा करते थे। यहां तक कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के बड़े नेताओं और सीआरपीएफ के 70 से ज्यादा जवानों को नक्सलियों ने मार दिया था। केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी अभियान छेड़ा गया। इस दौरान उनको सरेंडर का मौका भी दिया गया। जिसका फायदा उठाकर हजारों नक्सली अब तक मुख्यधारा में लौट चुके हैं। मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों का पुनर्वास किया जाता है।

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