राम मंदिर चंदा चोरी मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से खारिज
नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दी है। यह याचिका मोहित अशोक नाम के व्यक्ति के द्वारा दायर की गई थी। राज्य सरकार की ओर से एएजी विनोद शाही ने अदालत में पक्ष रखा। याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय में पहले ही इससे संबंधित एक याचिका लंबित है। ऐसे में इस याचिका पर सुनवाई का कोई मतलब नहीं बनता। जिसके बाद जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया।
आपको बता दें कि चंदा चोरी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है जो इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। एसआईटी अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट सरकार को सौंप भी चुकी है। वहीं अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह अनुरोध किया गया है कि सीबीआई अधिकारी के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल से इसकी जांच कराई जाए। इसके साथ याचिकाकर्ता ने कोर्ट से इसे गंभीर मामला बताते हुए त्वरित सुनवाई की मांग की थी। हालांकि 29 जून को शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि याचिका पर सुनवाई की आखिर इतनी जल्दी क्यों है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 12 जुलाई के बाद होगी।
एसआईटी की रिपोर्ट के बाद मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने 25 जून को इस मामले में अयोध्या में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय को नामजद किया गया था। यह सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
