पंजाब में ठिकाना बना रहे कश्मीरी आतंकी!, 15 साल से पहचान छिपाकर रहने वाले दो दहशतगर्द मलेरकोटला से गिरफ्तार
मलेरकोटला। जम्मू-कश्मीर के आतंकी क्या अब पंजाब में ठिकाना बनाकर वारदात करने की साजिश रच रहे हैं! ये शक इसलिए गहराया, क्योंकि जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी और पंजाब पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर पंजाब के मलेरकोटला से दो कश्मीरी आतंकियों को दबोचा है। इन दोनों को पंजाब के मलेरकोटला के शेरवानी कोटे गांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों आतंकी बीते 15 साल से पहचान छिपाकर किराएदार के तौर पर पंजाब में रह रहे थे। इससे पहले 18 मार्च को पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यानी सीआईए ने फिरोजपुर से बूटा सिंह और हरमंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। इनको पाकिस्तान से आतंकियों के लिए ग्रेनेड सप्लाई करने की साजिश में पकड़ा गया।
पंजाब के मलेरकोटला से गिरफ्तार कश्मीरी आतंकियों की पहचान अबु गबांद उर्फ हुरीरा और उस्मान के तौर पर हुई है। ड्रग्स तस्करी के खिलाफ पुलिस की जांच में दोनों की पहचान सामने आई। अबु गबांद और उस्मान का नाम जम्मू-कश्मीर पुलिस के वांछित आतंकियों की लिस्ट में शामिल हैं। दोनों ने अपनी पहचान इस तरह बदली थी कि गांव के लोगों को भी उनके बारे में कोई शक नहीं हुआ। जिससे लंबे वक्त तक दोनों पंजाब के मलेरकोटला स्थित गांव में आसानी से रहकर रोजमर्रा का काम करते रहे। अबु गबांद उर्फ हुरीरा और उस्मान की गिरफ्तारी के बाद ये शक भी है कि पंजाब में और भी कश्मीरी आतंकी छिपे हो सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बीच ज्यादा दूरी नहीं है। दोनों राज्यों के बीच लोग आते-जाते हैं। खास बात ये है कि 80 के दशक में पंजाब में भी पाकिस्तान ने आतंकवाद का भयावह रूप फैलाया था। उस दौरान पंजाब में हजारों लोगों की जान गई। जिनमें सीएम बेअंत सिंह भी थे। बाद में आईपीएस अफसर केपीएस गिल (अब दिवंगत) ने पंजाब में आतंकवाद को जड़ से मिटाया। इसके बाद पाकिस्तान ने 90 के दशक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाना शुरू किया। कई बार गिरफ्तार हुए पाकिस्तानी आतंकी और जासूसों ने ये खुलासा भी किया कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की ओर से दहशतगर्दों का सफाया अभियान चलाने के कारण पाकिस्तान एक बार फिर पंजाब में आतंकवाद फैलाने की कोशिश में है।
