राहुल गांधी का निजी सचिव बताकर हरियाणा के कांग्रेस नेता से फ्रॉड, गंवा दी इतनी रकम!
चंडीगढ़। केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों से सचेत करते रहते हैं। इसके बावजूद अब भी तमाम लोग फ्रॉड करने वालों के जाल में फंसकर लाखों-करोड़ों रुपए गंवा देते हैं। इस तरह का मामला अब हरियाणा कांग्रेस के नेता संजीव के साथ हुआ है। एक फ्रॉड ने राहुल गांधी का नाम लेकर संजीव को 10 लाख रुपए का चूना लगा दिया।
हुआ यूं कि 24 जून को हरियाणा कांग्रेस नेता संजीव के पास फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव कनिष्क सिंह बताया। उसने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस का ट्रेनिंग प्रोग्राम है। जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता भी जाएंगे। इनके ठहरने वगैरा का बंदोबस्त करना है। इसलिए 10 लाख रुपए चाहिए। फोन करने वाले ने संजीव से ये भी कहा कि उनकी मुलाकात कांग्रेस के बड़े नेताओं से करा देगा। इससे उत्साहित संजीव ने अपने दोस्त पवन शर्मा के साथ मिलकर 10 लाख रुपए जुटाए। राहुल गांधी का निजी सचिव बताने वाले फ्रॉड ने संजीव को चंडीगढ़ के एक होटल पहुंचकर एक व्यक्ति को रकम देने के लिए कहा। संजीव और पवन वहां पहुंचे। जहां दीपक नाम का शख्स मिला। उसे रकम देकर साथ में फोटो खींचकर लौट आए।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। राहुल गांधी का निजी सचिव बताकर फ्रॉड करने वाले ने संजीव को फिर फोन किया। उसने इस बार 5 लाख रुपए मांगे। और रकम देने से संजीव ने मना कर दिया। उसके बाद लगातार उन्होंने फ्रॉड को फोन किया, लेकिन उसने फोन कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद कांग्रेस नेता को समझ आया कि उनसे फ्रॉड हो चुका है। कांग्रेस दफ्तर में पूछताछ करने पर पता चला कि उत्तराखंड में पार्टी का कोई ट्रेनिंग प्रोग्राम है ही नहीं। पहले संजीव ने पुलिस में फ्रॉड की शिकायत नहीं की, लेकिन बाद में वो थाने गए और वहां तहरीर दी। अब पुलिस फ्रॉड की तलाश कर रही है। ये घटना भी बताती है कि फोन कॉल, मैसेज से किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसे लोग फर्जी नाम-पता बताकर आपकी मेहनत की कमाई पल भर में गायब कर देते हैं।
