बांग्लादेश लौटने के बारे में पूर्व पीएम शेख हसीना का बड़ा एलान, सुनाई गई है मौत की सजा
नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने अपने देश लौटने के बारे में बड़ा एलान किया है। न्यूज चैनल एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा है कि वो इस साल के अंत तक बांग्लादेश लौटेंगी। शेख हसीना को बांग्लादेश की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। शेख हसीना पर बांग्लादेश में और भी कई केस चल रहे हैं। शेख हसीना ने कहा कि उनकी बांग्लादेश वापसी महत्वाकांक्षा का प्रश्न नहीं। शेख हसीना ने कहा कि ये बांग्लादेश के लोगों के राजनीतिक अधिकार, लोकतंत्र बहाली, कानून के शासन और मुक्ति संग्राम की भावना से जुड़ा मसला है।
शेख हसीना ने अपने पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान का नाम लेकर कहा कि वो उनके सोनार बांग्ला के सपने को साकार करने की राजनीति करती हैं। शेख हसीना ने खुद के खिलाफ कोर्ट के फैसले को अवैध, असंवैधानिक और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में न्यायपालिका को बदला लेने का हथियार बनाया गया। ताकि अवामी लीग का नेतृत्व खत्म किया जा सके। शेख हसीना ने कहा कि पहले भी ऐसी कोशिश नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि मौत से नहीं डरतीं। शेख हसीना ने कहा कि 1975 में पिता समेत परिवार को खो दिया। फिर खुद पर ग्रेनेड हमला झेला। कई साजिशों के बावजूद लोगों के साथ खड़ी रही। जनता ने 5 बार पीएम चुना ।
शेख हसीना ने अपनी अवामी लीग पार्टी के बारे में कहा कि ये कागज पर बना संगठन नहीं, बांग्लादेश की मिट्टी, इतिहास और जनता से जुड़ी राजनीतिक ताकत है। अवामी लीग पर कई हमले हुए, प्रतिबंध लगे, लेकिन जनता की ताकत से वो वापस उभरी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार और फिर बीएनपी की सरकार के दौर में लोकतंत्र, कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता कमजोर हुई है। अल्पसंख्यक असुरक्षित और कट्टरपंथ बढ़ रहा। शेख हसीना ने कहा कि लोग जानते हैं कि अवामी लीग के शासन में बांग्लादेश ज्यादा सुरक्षित और स्थिर था। उन्होंने अपनी वापसी के लिए बांग्लादेश की बीएनपी सरकार से किसी बैकचैनल बातचीत से भी इनकार किया।
