एक-दूसरे पर हमला न करने के लिए राजी हुए अमेरिका और ईरान, होर्मुज समेत कई मुद्दों पर कल कतर में करेंगे बातचीत
वॉशिंगटन। दो दिन लगातार आपस में भिड़ने के बाद अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर हमला न करने का फैसला किया है। अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस ने अमेरिकी अफसरों के हवाले से ये जानकारी दी। एक्सियोस के मुताबिक मंगलवार यानी 30 जून को कतर में अमेरिका और ईरान के बीच उच्चस्तरीय बातचीत होनी है। जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के निर्बाध आने-जाने समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत होगी। फिलहाल, अमेरिका और ईरान ने तय किया है कि होर्मुज से जहाजों को सामान्य तरीके से गुजरने दिया जाएगा।
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर शुक्रवार और शनिवार को ये आरोप लगाते हुए हमले किए थे कि इस्लामी देश ने होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर ड्रोन से हमले किए। अमेरिका के इन हमलों के जवाब में ईरान की आईआरजीसी ने भी खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से पलटवार कर काफी नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई और शांति बनाए रखना तय हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए एमओयू पर पहले ही दस्तखत हो चुके हैं, लेकिन ताजा हमलों और पलटवार से मध्य-पूर्व में एक बार फिर जंग छिड़ने की आशंका पैदा हुई थी।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया था। इन हमलों का जवाब देने के लिए ईरान भी ताल ठोककर मैदान में उतरा। उसने मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजरायल के शहरों के साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों और अन्य जगहों पर बड़ी तबाही मचाई थी। दोनों पक्षों के बीच 39 दिन तक युद्ध हुआ। जिसके बाद 8 अप्रैल को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम का एलान किया। हालांकि, बीच-बीच में ट्रंप ने ईरान को मिटा देने तक की धमकी देना जारी रखा। वहीं, ईरान की तरफ से हर बार कहा गया कि दुश्मन को ऐसा सबक सिखाएंगे कि वो जिंदगी भर याद रखेगा।
