ईरान से युद्ध खत्म कराने के लिए इजरायल को भारत पर भरोसा, पाकिस्तान की मध्यस्थता को दिया नकार
यरुशलम। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध को 33 दिन हो चुके हैं। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया में शांति होती नहीं दिख रही। बीच में खबर आई थी कि पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। वहीं, अब इजरायल ने ईरान से जारी युद्ध को खत्म करने में भारत की भूमिका को अहम बताया है। इजरायल के विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लेर हसन नहूम ने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है और वो ज्यादा सफल नहीं होगा। नहूम ने कहा कि भारत के सभी देशों से अच्छे रिश्ते हैं और वो पाकिस्तान से बेहतर मध्यस्थ साबित होगा।
इजरायल विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लेर हसन नहूम ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा बातचीत का मौका दिया, लेकिन ईरान की जिद के कारण समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बातचीत का रास्ता खुला रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी जारी रखना चाहिए। फ्लेर ने कहा कि ये युद्ध पहले से ही कई मोर्चों वाला बन गया। उन्होंने कहा कि ईरान के समर्थन वाले हमास ने इजरायल पर हमला किया। फिर उत्तर दिशा से भी इजरायल पर हमला हुआ। इजरायल की दूत फ्लेर हसन नहूम ने दावा किया कि ईरान से जुड़े मिसाइल लॉन्च सिस्टम का 80 फीसदी नष्ट कर दिया गया है। ईरान में अस्थिरता का दावा भी फ्लेर ने किया।
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को हमले शुरू किए थे। दोनों ने ईरान पर भीषण बमबारी की। जिससे ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर सैयद अली खामेनेई की भी मौत हो गई। अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के बड़े नेता अली लारीजानी समेत कई मंत्री और सैन्य अफसर भी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके ईरान लड़ रहा है। ईरान इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना रहा है। ईरान ने काफी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, अमेरिका और इजरायल ने साफ कह दिया है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उनको कतई मंजूर नहीं। दोनों इस परमाणु कार्यक्रम को दुनिया के लिए खतरा बता रहे हैं।
