होर्मुज पर आई अमेरिकी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट, बढ़ाने वाली है ट्रंप की चिंता
वॉशिंगटन। ईरान से अमेरिका और इजरायल की जंग 37वें दिन भी जारी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर बड़ी तबाही मचा रहे हैं। इन सबके बीच होर्मुज स्ट्रेट बड़े संकट का कारण बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाज नहीं निकल पा रहे। जिससे दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और रसोई गैस की किल्लत हो गई है। अब न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने होर्मुज के बारे में कहा है कि ईरान इसे जल्दी खोलने वाला नहीं है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना बड़ा हथियार बना लिया है। ये रिपोर्ट निश्चित तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चिंता बढ़ाने वाली है।
दुनिया के कुल कच्चे तेल और गैस का 20 फीसदी हिस्सा होर्मुज होकर ही गुजरता है। ऐसे में होर्मुज पर ईरान ने कड़ा नियंत्रण बनाकर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई में बड़ी बाधा तैयार की है। होर्मुज स्ट्रेट से ईरान सिर्फ भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ओमान के जहाज निकलने दे रहा है। हालांकि, ईरान ने शुक्रवार को फ्रांस के एक जहाज को भी होर्मुज से निकलने दिया। सिर्फ इन देशों के जहाजों के होर्मुज पार होने से दुनिया में कच्चे तेल और गैस का संकट मिटने वाला नहीं है। इस तरह ईरान ने होर्मुज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर काफी तगड़ा दबाव बनाकर रखा है। जिससे निपटने में ट्रंप अब तक पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
ट्रंप ने कई बार ये एलान किया कि वो होर्मुज खुलवाएंगे। फिर उन्होंने चीन के अलावा अमेरिका के अन्य सहयोगी देशों जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया से होर्मुज खुलवाने में मदद का आग्रह किया, लेकिन इन देशों में से एक ने भी होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम न उठाने का फैसला किया। दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग को दुनियाभर में कहीं से भी समर्थन नहीं मिल रहा। यहां तक कि नाटो में शामिल यूरोपीय देश भी ईरान से युद्ध के खिलाफ हैं। फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन ने युद्ध को गलत बताया है। वहीं, नाटो के सदस्य और यूरोप के देश स्पेन ने तो ईरान पर हमले के लिए अपने सैन्य अड्डे भी अमेरिका को देने से साफ इनकार कर दिया है।
